अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। विधायक और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव पद्मश्री परगट सिंह ने सूबे में बेअदबी के मामलों पर पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, आम आदमी पार्टी और शिअद नेताओं को निशाने पर लिया है।
प्रेसवार्ता के दौरान विधायक ने कहा कि 2015 के बेअदबी मामलों पर इंसाफ में हो रही देरी पंजाब सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। उन्होंने अकाली दल और भाजपा से बेअदबी मामले में अपना-अपना स्टैंड भी स्पष्ट करने के लिए कहा।
कांग्रेस सरकार में इस मामले में काफी ठोस कदम उठाए गए थे। जस्टिस रणजीत सिंह कमीशन का गठन कर कार्रवाई शुरू की गई थी। जब कार्रवाई में ढिलाई दिखी, तब कांग्रेस पार्टी ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह तक को बदला और एसआईटी की जांच को तेज किया। अब आम आदमी पार्टी सरकार के आने के बाद से केसों की फाइलें दबा दी गईं।
विधायक ने कहा कि ढाई साल तक डेरा प्रमुख राम रहीम के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं दी गई। विधानसभा में बार-बार सवाल पूछे गए लेकिन सरकार चुप रही। परगट सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि बेअदबी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जब अकाली दल के बादल परिवार के साथ समझौता करते बेअदबी मामले की जांच को ढीला किया तो कुछ इंसाफ पसंद विधायकों ने मिलकर कैप्टन को हाईकमान से कह कर पद से मुक्त कराया।
उन्होंने कहा कि आप से पहले 100 दिन की कांग्रेस सरकार ने डेरामुखी के खिलाफ एसआईटी जांच को तेज किया और सुनारिया जेल में उससे पूछताछ की मगर अब साढ़े तीन साल से बेअदबी मामलों की सभी जांच ठंडे बस्ते में है। अब बेअदबियों के खिलाफ कानून लाकर आप लोगों की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश कर रही है।