पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह
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"ओ गोरे-गोरे ...बांके छोरे... कभी मेरी गली आया करो" एक पुरानी हिंदी फिल्म का गीत गाते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह शनिवार शाम किसी भी एंगल से सियासी शख्सियत तो नहीं नजर आ रहे थे।
47 एनडीए कोर्स के अपने बैचमेट और उनके परिजनों के साथ इन दिनों छुट्टियां मना रहे कैप्टन भारतीय फौज के एक रिटायर्ड और मस्तमौला अफसर जैसे ही दिखाई दे रहे हैं।
अपने फॉर्म हाउस पर 24 से 27 सितंबर तक उन्होंने फौज के अपने कार्यकाल के साथियों और उनके परिवारों के साथ इन दिनों भव्य पार्टी का आयोजन किया हुआ है। जाहिर है इस पार्टी में कैप्टन के फौजी साथी उन्हीं के हम उम्र हैं और सेना के अपने बैंरकों में फुर्सत के समय की जाने वाली मस्ती की यादें तरोताजा कर रहे हैं।
कैप्टन अमरिंदर सिंह के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने शनिवार को अलग-अलग ट्वीट के जरिए उक्त पार्टी फोटोग्राफ सोशल मीडिया पर साझा किए।
मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़कर कैप्टन अमरिंदर सिंह भले ही कांग्रेश से बुरी तरह खफा हो चुके हैं लेकिन इतनी बड़ी जिम्मेदारी छोड़ने के बाद मिली फुर्सत का वह इन दिनों भरपूर आनंद उठा रहे हैं।
शनिवार को इस पार्टी के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल और भारत के प्रमुख सैन्य विशेषज्ञों में से एक और भारत की रक्षा खुफिया एजेंसी के पहले प्रमुख कमल फावर ने अपनी पुस्तक, सिक्योरिंग इंडियाज राइज: ए विजन फॉर द फ्यूचर', कैप्टन अमरिंदर सिंह को उनके द्वारा NDA के साथियों के लिए आयोजित रात्रिभोज में प्रस्तुत की।