आमतौर पर परिवार का एक भी सदस्य राजनीति में हो तो पूरा परिवार उसके नक्शे-कदम पर चलने की कोशिश करता है लेकिन पटियाला से कांग्रेस प्रत्याशी परनीत कौर की बहू रिश्मा कौर राजनीति से कोसों दूर हैं। सास-ससुर और पति के राजनीति में होने के बावजूद रिश्मा की पहली पसंद बिजनेस है।
इन दिनों वे अपनी सास परनीत कौर के लिए तपती गरमी की परवाह किए बगैर जोर-शोर से प्रचार में जुटी हुई हैं। एक आम पंजाबी महिला की तरह पटियाला सलवार सूट और सिर पर दुपट्टा पहने रिश्मा घर-घर जाने के साथ गली-मोहल्लों और गांवों में चुनावी सभाएं व बैठकें करके लोगों से कांग्रेस के लिए वोट मांग रही हैं।
उन्हें परनीत कौर ने पटियाला देहाती विधानसभा हलके में प्रचार की जिम्मेदारी दी है, जिसे वह हलके से कांग्रेस के विधायक ब्रहम मोहिंदरा के साथ बखूबी निभा रही हैं।
रिश्मा भले ही एक आदर्श बहू की तरह सास के चुनाव प्रचार में लगी हैं, लेकिन जब अमर उजाला ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें राजनीति में दिलचस्पी है, तो उनका जवाब था, बिल्कुल भी नहीं, बल्कि वह तो इससे दूर ही भागती हैं।
रिश्मा कहती हैं कि उनकी सास परनीत कौर ने हलके के लोगों के लिए काफी काम किया है, जिसे कुछ शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता है। लोग दिल से उनकी इज्जत करते हैं और वे ही चुनाव जीतेंगी। अब तक जितनी भी चुनावी सभाएं व बैठकें वह कर चुकी हैं, उसमें काफी अच्छा रिस्पांस मिल रहा है।
परनीत कौर पर लग रहे आरोपों के बारे में रिश्मा का कहना है कि राजनीति में एक-दूसरे पर झूठे आरोप लगाना और कीचड़ उछालना एक आम सी बात हो गई है। लेकिन आज का वोटर समझदार है और वह सब कुछ जानता है।
यूनिवर्सिटी ऑफ बकिंघम से बिजनेस ग्रेजुएट और बर्जर पेंट्स इंडिया लिमिटेड की डायरेक्टर रिश्मा कहती हैं कि बिजनेस संभालना और राजनीति में सक्रियता से भाग लेना दोनों में बहुत अंतर हैं। उनके खून में बिजनेस है। पिता कुलदीप सिंह ढींगरा शुरू से ही पेंट बिजनेस में थे।
रिश्मा बताती हैं कि वह चाहे खुद राजनीति में नहीं आना चाहती हैं, लेकिन उन्होंने इससे पहले अपने पति रणइंदर के लिए बठिंडा लोकसभा चुनाव और फिर समाना विधानसभा चुनाव में प्रचार किया है।
इसके अलावा उन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव में भी अपनी सास के लिए भी प्रचार किया था। रिश्मा कहती हैं कि उनकी बेटी सेहरइंदर कौर भी दादी की तरह राजनीति में दिलचस्पी रखती है।