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पंजाब में सियासी संकट: राज्यपाल ने कैप्टन अमरिंदर सिंह का इस्तीफा किया स्वीकार, सोनिया गांधी चुनेंगी नया मुख्यमंत्री

Sun, 19 Sep 2021 04:34 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने समर्थक विधायकों और मंत्रियों के साथ बैठक की। इसके बाद राजभवन पहुंचे और अपना त्यागपत्र सौंप दिया। वहीं सूत्रों के अनुसार, वे पार्टी को भी जल्द ही अलविदा कह सकते हैं।  
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राज्यपाल को इस्तीफा सौंपते कैप्टन अमरिंदर सिंह। - फोटो : twitter
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विस्तार
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पंजाब कांग्रेस में चल रहे शह और मात के खेल में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को कप्तानी छोड़ दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर यह साफ कर दिया है कि वे सिद्धू और आलाकमान के सामने झुकने वाले नहीं है। इस्तीफे के साथ ही उन्होंने सिद्धू को डिजास्टर (आपदा) करार दिया है। 

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उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि सिद्धू को मुख्यमंत्री बनाने का वे विरोध करेंगे, क्योंकि उनकी पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा और प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ दोस्ती है। उधर, पंजाब कांग्रेस विधायक दल की बैठक में पार्टी आलाकमान की ओर से भेजे गए पर्यवेक्षक अजय माकन, हरीश चौधरी और कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने अगले मुख्यमंत्री का फैसला आलाकमान पर छोड़ दिया।

बीते दो माह से कांग्रेस नेतृत्व द्वारा अपमानित किए जाने का हवाला देते हुए कैप्टन ने शनिवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। कैप्टन अपनी पत्नी परनीत कौर, सांसद गुरजीत सिंह औजला, रवनीत सिंह बिट्टू, एजी अतुल नंदा, सीएम के मुख्य प्रधान सचिव सुरेश कुमार और बेटे रणइंदर सिंह के साथ पंजाब राजभवन पहुंचे और राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। 
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राजभवन से बाहर आकर कैप्टन ने पत्रकारों से कहा कि पिछले दो महीने से कांग्रेस नेतृत्व द्वारा मुझे तीन बार अपमानित किया गया। उन्होंने दो बार विधायकों को दिल्ली बुलाया और अब चंडीगढ़ में कांग्रेस विधायक दल की बैठक रखी है। जाहिर है कि उन्हें (कांग्रेस आलाकमान को) मुझ पर भरोसा नहीं है और उन्हें नहीं लगता कि मैं अपना काम संभाल सकता हूं लेकिन जिस तरह हाईकमान का पूरे मामले में रुख रहा है, उससे मुझे लगता है कि मेरा अपमान हुआ है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि अब आलाकमान जिसे चाहे प्रदेश का नेतृत्व का सौंप सकता है। 

भविष्य के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हमेशा एक विकल्प होता है और समय आने पर उस विकल्प का प्रयोग करेंगे। साथ ही कहा कि वह अपने उन समर्थकों के परामर्श से भविष्य के राजनीतिक कदम पर फैसला करेंगे, जो पांच दशकों से अधिक समय से उनके साथ हैं। बाद में उन्होंने कहा कि वे कांग्रेस में ही रहेंगे। इस्तीफे के बाद वह पंजाब कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं हुए। 

कैप्टन का एक लाइन का त्यागपत्र
अपने एक पंक्ति के त्याग पत्र में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लिखा है कि ‘मैं मुख्यमंत्री और अपने मंत्रिपरिषद के रूप में अपना इस्तीफा देता हूं।’

राज्यपाल ने मंजूर किया कैप्टन का इस्तीफा
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपना और अपने मंत्रिमंडल का इस्तीफा शनिवार को राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित को सौंप दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। फिलहाल राज्यपाल ने कैप्टन और उनके मंत्रिमंडल को वैकल्पिक व्यवस्था होने तक नियमित कामकाज चलाने को कहा है।

राज्यपाल ने दो घंटे 20 मिनट बाद कैप्टन का इस्तीफा मंजूर किया
शनिवार शाम 4:30 बजे मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित को इस्तीफा सौंपा। उसके करीब दो घंटे 20 मिनट बाद राजभवन से बयान जारी हुआ कि राज्यपाल ने उनका व उनके मंत्रिमंडल का इस्तीफा मंजूर कर लिया। 

हाईकमान ने सुनील जाखड़ को चेन्नई से चंडीगढ़ बुलाया
वहीं विधायक दल की बैठक के मद्देनजर पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ को पार्टी हाईकमान ने चेन्नई से चंडीगढ़ बुला लिया है। कुछ देर पहले ही जाखड़ ने ट्वीट कर राहुल गांधी के पंजाब संबंधी फैसले का स्वागत किया था। हालांकि ट्वीट में उन्होंने फैसले के बारे में खुल कर कुछ नहीं लिखा। 

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