पंजाब लोक कांग्रेस (पीएलसी) के प्रमुख कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर आरोप लगाया है कि उनकी सरकार ने स्पष्ट रूप से प्रधानमंत्री के काफिले की नाकाबंदी की योजना बनाई थी, जिसके कारण प्रधानमंत्री की सुरक्षा में गंभीर लापरवाही हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि जाहिर तौर पर चन्नी सरकार ने पुलिस को निर्देश दिया था कि किसानों को वहां से न हटाया जाए, जो भाजपा की बसों को वहां से निकलने से रोक रहे थे।
शुक्रवार को जारी एक बयान में, उक्त घटना को सुरक्षा की बड़ी कमी बताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी संवैधानिक प्रमुख को ऐसी घटना का सामना नहीं करना चाहिए था जो अंतरराष्ट्रीय सीमा से निकटता के कारण प्रधानमंत्री के जीवन के लिए खतरा हो सकती थी। कैप्टन ने कहा कि चन्नी एक अविश्वसनीय व्यक्ति के रूप में उभरे हैं, जिन्होंने पिछले तीन महीनों में पंजाब में तबादलों और नियुक्तियों को एक उद्योग बना दिया है।
कैप्टन ने चन्नी सरकार को सूटकेस सरकार बताया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा चन्नी के रिश्तेदारों से की गई जब्ती उस मामले का फालोअप है, जिसकी जांच के आदेश उन्होंने सरकार का नेतृत्व करते हुए दिए थे। पीएलसी प्रमुख ने कहा कि नए मुख्यमंत्री ने पद संभालने के बाद पोस्टिंग और तबादलों के अलावा कुछ नहीं किया।
तीन डीजीपी बदले गए हैं, उनके गृह मंत्री पर उनके सहयोगी ने कैबिनेट बैठक में खुलेआम आरोप लगाया है कि एसएसपी पद के लिए पैसे लिए जा रहे हैं, एजी के पद पर रस्साकशी हुई है। उन्होंने आगे कहा कि यह लोगों की सरकार नहीं, बल्कि तबादलों और तैनाती की सरकार थी, जो अब सूटकेस की सरकार बन गई है।
मी-टू के मामले में मदद करने का है अफसोस
कैप्टन ने चरणजीत चन्नी के खिलाफ मी-टू शिकायत को हल करने में मदद किए जाने पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि तत्कालीन मंत्री (चन्नी) उनके चरणों में गिर गए थे और उन्होंने जीवन भर उनके प्रति वफादारी का वादा किया था। कैप्टन ने कहा कि अब उन्होंने रंग बदल लिया है और दावा कर रहे हैं कि वह पिछले दो सालों से मुझसे छुटकारा पाने की कोशिश कर रहे थे।
कांग्रेस में टिकट बंटवारे का इंतजार
यह पूछे जाने पर कि कोई मौजूदा कांग्रेस विधायक पीएलसी में क्यों शामिल नहीं हो रहा? कैप्टन ने कहा कि वह केवल कांग्रेस पार्टी द्वारा टिकटों की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं, जिसमें जानबूझकर देरी की जा रही है क्योंकि कांग्रेस अपने विधायकों को खोने वाली है।