कैप्टन अमरिंदर सिंह। (फाइल फोटो)
- फोटो : एएनआई
पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से सवाल किया है कि क्यों उन्होंने डीजीपी को लिखी चिट्ठी के लीक होने के मामले में दी जांच के आदेश की तर्ज पर पंजाब पुलिस की नियुक्तियों में हुए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के आदेश नहीं दिए हैं, जो आरोप उनकी ही कैबिनेट के एक साथी द्वारा लगाए गए थे।
कैप्टन अमरिंदर ने मुख्यमंत्री की चौकसी और शीघ्रता पर चुटकी लेते हुए कहा कि आपने एक सीनियर पुलिस अधिकारी द्वारा डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस को लिखी चिट्ठी के कुछ पन्नों के लीक होने के मामले में तो जांच के आदेश दिए लेकिन क्यों उसी तरह की शीघ्रता तब नहीं दिखाई जब आप के मंत्रिमंडल के एक साथी ने हाल ही में हुई कैबिनेट की बैठक में सरेआम एसएसपी और डीएसपी स्तर के अधिकारियों की नियुक्ति में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे।
मुख्यमंत्री और उनके कुछ साथियों को कैप्टन अमरिंदर ने याद दिलाया कि आप हमेशा हर किसी को सलाखों के पीछे भेजने के लिए 2 दिनों के लिए अधिकार मांगते थे। परंतु अब 3 महीनों से अधिक का समय हो चुका है और एक भी व्यक्ति अभी तक गिरफ्तार नहीं हुआ, अब क्या हो गया है।
पीएलसी ने छह और जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की
पंजाब लोक कांग्रेस ने बुधवार को पंजाब में छह और जिलों के अध्यक्षों की घोषणा की। प्रभारी संगठन महासचिव कमलदीप सिंह सैनी के अनुसार इन जिलों में बरनाला, फिरोजपुर, फतेहगढ़ साहिब, होशियारपुर, श्री मुक्तसर साहिब और मालेरकोटला शामिल हैं। उन्होंने बताया कि बरनाला से गुरदर्शन सिंह बराड़, फिरोजपुर से गुरचरण सिंह नाहर, फतेहगढ़ साहिब से संदीप सिंह बल, होशियारपुर से गुलशन राय पासी, मुक्तसर साहिब से सुखजिंदर सिंह चहल और मालेरकोटला से अमजल अली को अध्यक्ष बनाया गया है। सैनी ने कहा कि पार्टी अब तक 16 जिलों के लिए अध्यक्षों की नियुक्ति कर चुकी है।