पंजाब विधानसभा में विरोधी पक्ष के नेता और आप विधायक हरपाल सिंह चीमा ने कहा है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार ने पंचायत समिति और जिला परिषद मतदान डंडे के जोर पर मारपीट कर लूटा है। पुलिस प्रशासन और चुनाव आयोग ने सत्ताधारी कांग्रेस के सेवा दल की तरह काम किया है। उन्होंने कहा कि इन चुनावों में विरोधी गुट नहीं बल्कि जनता और लोकतंत्र हारे हैं।
आप मुख्यालय से जारी बयान में हरपाल चीमा ने कहा कि पंजाब के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि पंचायत समिति और जिला परिषद मतदान के ऐलान से लेकर नतीजों तक, लोकतंत्र व्यवस्था की सत्ताधारियों और समूची सरकारी मशीनरी और गुंडा तत्वों ने कदम-कदम पर हत्या की। गुंडागर्दी का जितना नंगा नाच इस बार देखने को मिला, पंजाब के लोगों ने पहले कभी नहीं देखा था।
बावजूद इसके आम आदमी पार्टी पंजाब के लोगों का धन्यवाद करती है, जिन्होंने तानाशाही कांग्रेसियों की तरफ से चलाई इस लोकतंत्र विरोधी आंधी में भी लोकतंत्र का दिया जलाए रखने के लिए हरसंभव कोशिश की और बहुत जगह कामयाबी हासिल कर कांग्रेस सरकार को करारा जवाब दिया।
सुखबीर बादल और पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल
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शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की सरकारी गुंडागर्दी के जरिए लोगों के फतवे का गला घोंटकर लोकतंत्र का मजाक बनाया और पूरी दुनिया में पंजाब को बदनाम किय है, जिसकी वे कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि यह बहुत अपमानजनक है लेकिन यह साबित करता है कि कांग्रेस कितनी जल्दी लोगों का भरोसा खो बैठी है।
शनिवार को जारी एक प्रेस बयान में उन्होंने कहा कि कांग्रेस की इन चुनावों में बड़ी हार हुई है और वे यह बात जानते हैं। उन्होंने मजबूरी में नतीजे बदलकर एक झूठी और मनघड़ंत जीत का ऐलान किया है। बादल ने कांग्रेस के अत्याचारों के खिलाफ लड़ने वाले अपने वर्करों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि वह लोकतंत्र की रक्षा के लिए डटकर लड़े। मैं उन्होंने कांग्रेस का असली चेहरा बेनकाब करने पर बधाई देता हूं।
बादल ने कहा कि कांग्रेस को जश्न मनाने की बजाए पंजाब में लोकतंत्र की हत्या और फरवरी 2017 में उन्हें मिले लोक फतवे की समयपूर्व हुई मौत का शोक मनाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि दरअसल यह कांग्रेस के लिए एक बहुत ही उदासी भरा और लोकतंत्र के लिए एक बहुत बुरा दिन है।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस, सरकारी मशीनरी, पुलिस और मुख्य चुनाव अधिकारी ने एक गैंग की तरह मिलजुलकर लोगों को बिना डर वोट डालने के अधिकार के वंचित किया है। उन्होंने कहा कि डीसी और सीनियर सरकारी अधिकारियों के दफ्तरों को कांग्रेस के दफ्तर बना दिया गया था। मुख्य चुनाव अधिकारी का दफ्तर भी कांग्रेस का दफ्तर बन गया था।