कनाडा के सांसदों ने इस बार शांति के नोबेल पुरस्कार के लिए ब्रिटेन के 'खालसा एड एनजीओ' को नॉमिनेट किया है। कनाडा के सांसद और द नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी के अध्यक्ष टिम एस उप्पल ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है।
उन्होंने बताया है कि उन्होंने नोबेल कमेटी के अध्यक्ष बेरिट रीस एंडरसन को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने खालसा एड संगठन को अंतरराष्ट्रीय स्तर का एनजीओ बताया है। इस संस्था का उद्देश्य सिर्फ मानव सेवा करना है। द नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी के अध्यक्ष टिम उप्पल ने बेरिट रीस एंडरसन को लिखे एक पत्र में कहा है कि खालसा एड एक अंतरराष्ट्रीय एनजीओ है जिसका उद्देश्य आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में मानवीय सहायता देना है।
खालसा एड सिख सिद्धांत के आधार पर अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहायता करने वाली संस्था है। उप्पल ने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि खालसा एड 'सरबत दा भला' की सिख विचारधारा से प्रेरित है, जिसका अर्थ है सीमाओं, जाति और धर्म की परवाह किए बिना सभी की भलाई हो।
उप्पल ने ट्वीट में कहा है कि 20 साल से खालसा एड दुनिया भर में हताश लोगों की मदद कर रहा है। बतौर सांसद वे, सांसद पीपी प्रबीत सिंह सरकारिया और पैट्रिक के समर्थन के साथ, खालसा एड को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित कर रहे हैं। खालसा एड को रविंदर सिंह (रवि) ने स्थापित किया था। कनाडा के सांसदों के अनुसार यह संगठन 20 साल से दुनिया भर में बाढ़, भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के पीड़ितों की सहायता करता है।
एनआईए भेज चुकी है निदेशक को नोटिस
16 जनवरी को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने खालसा एड के भारत के निदेशक अमनप्रीत सिंह और अन्य ट्रस्टियों को समन जारी कर जांच एजेंसी के सामने पेश होने को कहा था।
खालसा एड दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों की सेवा कर इन दिनों चर्चा में है। किसानों की सेवा के लिए खालसा एड की ओर से टीकरी बॉर्डर पर एक किसान मॉल का भी निर्माण किया है।