शिमला से कनाडा जाकर बसे अमन सूद और भावना बजाज को पता नहीं था कि कनाडा जाकर उन्हें अपने प्यारे बेटे दक्ष से अलग भी रहना पड़ेगा। कनाडा सरकार ने ओटावा में रह रहे दंपती को अपने बेटे को भारत से लाने की मंजूरी देने से इनकार कर दिया है।
कनाडा के नागरिकता एवं आव्रजन विभाग ने भावना बजाज की अर्जी को नामंजूर करते हुए दलील दी है कि मेडिकल एग्जाम के लिए जमा कराए गए दस्तावेजों में उन्होंने बेटा होने की जानकारी नहीं दी थी।
दूसरी तरफ अब कनाडा के स्थायी निवासी बन चुके अमन और भावना का कहना है कि अर्जी में अनजाने में की गई गलती के आधार पर उन्हें अपने बेटे को साथ रखने से रोका नहीं जाना चाहिए। दंपती ने 2011 में कनाडा में स्थायी निवास के लिए आवेदन दिया था। उस समय भावना गर्भवती थीं।
आव्रजन विभाग ने दावा किया कि पिछले साल स्थायी निवास के लिए हुए इंटरव्यू में भावना ने कहा था कि बेटा दक्ष शिमला में अपने दादा-दादी के पास रहेगा। दूसरी तरफ भावना का दावा है कि उन्होंने कभी यह बात कही ही नहीं।
बहरहाल बेटे दक्ष को अपने पास कनाडा बुलाने के लिए दंपती ने अब आव्रजन मंत्री क्त्रिस्स अलेक्जेंडर से नियमों में ढील दिए जाने की गु?हार लगाई है। अमन और भावना को अगले साल तक कनाडा की नागरिकता मिल जाने की उम्मीद है।