यूजीसी विश्वविद्यालयों पर कॉलेजों को मान्यता देने को लेकर शिकंजा कसने जा रहा है। अब अपनी मनमर्जी से हर कॉलेज को मान्यता नहीं मिलेगी। इसके लिए तय होगा कि साल में कितने कॉलेजों को और किन शर्तों पर मान्यता दी जाए। देशभर के विश्वविद्यालय नए कॉलेजों को मान्यता देते हैं। उसके मानक भी निर्धारित हैं।
सूत्रों का कहना है कि कई विश्वविद्यालयों ने आंखें बंद करके कॉलेजों को मान्यता दे दी। मानकों का भी ध्यान नहीं रखा। सैकड़ों की संख्या में कॉलेजों को मान्यता एक ही विश्वविद्यालय से मिली तो यूजीसी ने इसे गंभीरता से लिया। बताया जा रहा है कि मान्यता देने के मानकों में कुछ बदलाव की तैयारी चल रही है।
हर विश्वविद्यालय को लक्ष्य दिया जाएगा कि वह कितने कॉलेजों को मान्यता देंगे। यदि उससे अधिक कॉलेजों को मान्यता दी गई तो विश्वविद्यालयों पर कार्रवाई भी हो सकती है। माना जा रहा है कि अगस्त में यह आदेश सभी विश्वविद्यालयों को जारी हो जाएंगे।
साथ ही जिन कॉलेजों के मानक अभी विश्वविद्यालय पूरे नहीं करा पाए हैं इसको लेकर भी विश्वविद्यालयों से यूजीसी जवाब मांगने जा रहा है। हालांकि विश्वविद्यालय समय समय पर इसको लेकर बैठकें कर रहे हैं।