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यूजीसी से नहीं मिला बजट तो फ्रीज करनी पड़ेगी सैलरी: वीसी

Sun, 18 Dec 2016 12:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Punjab University Professor Arun Kumar Grover - फोटो : File Photo
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पंजाब यूनिवर्सिटी के सामने आर्थिक संकट अभी भी बरकरार है। अगर यूजीसी से बजट नहीं मिला तो मौजूदा सेमेस्टर भी पूरा कर पाना मुमकिन नहीं है। आर्थिक संकट से उबरने के लिए जररूत पड़ने पर प्रोफेसर और कर्मचारियों की सैलरी तक फ्रीज करनी पड़ सकती है। यह बात पीयू कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर ने सीनेट में कही। पिछले सीनेट में कुलपति ने कहा था कि मौजूदा हालात में सीनेट जनवरी में बंद हो जाएगी।  
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सीनेट में पीयू आर्थिक संकट को लेकर काफी लंबी बहस हुई। कई सीनेटर ने पूरे मामले को लेकर अपने पक्ष और सुझाव दिए। पूरे मामले पर कुलपति ने अपना स्पष्टीकरण दिया। सीनेट में पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा दिलाने के लिए पीएमओ स्तर पर कोशिश करने की बात भी उठी। पहली सीनेट की शुरुआत में हिंदी विभाग के डॉ.गुरमीत सिंह ने आर्थिक हालत और सेंट्रल यूनिवर्सिटी मामले को उठाया। इस मामले में सीनेट में काफी लंबी बहस हुई। डॉ. गुरमीत सिंह ने कहा कि पीयू की आर्थिक स्थिति को लेकर हाई पावर कमेटी बनाकर मामले को पीएमओ तक ले जाना चाहिए। उन्होंने पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा दिलाने के लिए सभी से मिलकर प्रयास करने की बात कही। मामले में पीयू कुलपति ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनने में आने वाली दिक्कतों के बारे में भी विस्तार से सीनेट में जानकारी दी।  

सोमवार को यूजीसी हाईकोर्ट में पेश करेगी रिपोर्ट  
आर्थिक तंगी मामले पर पीयू कुलपति ने हाल ही में यूजीसी चेयरमैन, एमएचआरडी सचिव केके शर्मा के साथ हाईपावर कमेटी की मीटिंग के बारे में भी जानकारी दी। प्रो.ग्रोवर ने बताया कि मामले में 19 दिसंबर को यूजीसी रिपोर्ट पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में रखी जाएगी। इस मामले में यूजीसी की ओर से सीनियर एडवोकेट और पीयू सीनेटर सत्यपाल जैन पक्ष रखेंगे। प्रो.ग्रोवर ने साफ किया है कि एबीवीपी छात्र नेताओं की शिकायत पर केंद्र सरकार ने किसी तरह की रोक लगाने या बजट कम करने का कोई लेटर जारी नहीं किया है। 
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सीनेट के बाहर शिक्षकों ने किया प्रदर्शन 

PU Senate Protest - फोटो : अमर उजाला
सीनेट के बाहर शिक्षकों ने किया  प्रदर्शन 
पंजाब यूनिवर्सिटी के पास जनवरी में प्रोफेसर और कर्मचारियों को वेतन देने के लिए फंड नहीं है। यूजीसी की ओर से मौजूदा सत्र में 176 करोड़ में से 44 करोड़ की ग्रांट अभी भी जारी नहीं की गई है। पीयू की आर्थिक तंगी को लेकर शनिवार पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन(पूटा) और पीयू ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने विरोध किया। सुबह 9 से 10.15 बजे तक सीनेट शुरू होने से पहले पूटा प्रेसिडेंट डॉ.प्रोमिला पाठक, पूर्व पूटा प्रेसिडेंट प्रो.खालिद मोहम्मद, पीयू नॉन टीचिंग प्रधान रविंद्र त्रिखा सहित काफी शिक्षकों ने सीनेटर को मांग पत्र दिया। जिसमें मामले को पीयू चांसलर और देश के राष्ट्रपति तक पहुंचाने की मांग की गई। 

सिंडीकेट चुनाव रविवार को, विरोध के बाद भी नहीं बदली तिथि 
पीयू सीनेट में रविवार को सिंडीकेट चुनाव कराने के फैसले को लेकर जमकर हंगामा हुआ। सीनेट की शुरुआत में सांसद किरण खेर और बीजेपी नेता संजय टंडन ने 18 दिसंबर को सिंडीकेट चुनाव कराए जाने का कड़ा विरोध किया। दोनों ने चुनाव तिथि आगे बढ़ाने की बात भी कही। उधर, मामले में प्रो.राजेश गिल और प्रो.केशव मल्होत्रा ने कहा कि अगर सिंडीकेट चुनाव तिथि नहीं बदली तो वह चुनाव का बहिष्कार करेंगे। मामले में लंबी बहस हुई। पीयू कुलपति ने मतदान समय बदलने का विकल्प दिया, लेकिन कई सीनेटर नहीं माने।  

 यौन उत्पीड़न मामले की रिपोर्ट बंद लिफाफे में 
पीयू कुलपति पर यौन उत्पीड़न मामले की रिपोर्ट शनिवार को सीनेट में पेश की गई। बंद लिफाफे में प्रो.जौहल कमेटी की रिपोर्ट रखी गई। कुलपति ने रिपोर्ट को सीधे चांसलर को भेजने की बात कही। वरिष्ठ सीनेटर प्रो.आरपी भांभा को पांच सदस्यों की जांच रिपोर्ट बंद लिफाफे में सौंप दी गई है। जिसे पीयू चांसलर को भेजने की जिम्मेदारी प्रो.भांबा दी गई है। 
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