हरियाणा सरकार की नई ट्रांसफर पॉलिसी से जहां अधिकांश शिक्षक प्रसन्न हैं, वहीं पंद्रह-बीस फीसदी शिक्षकों के पसीने छूट रहे हैं। यह वे शिक्षक हैं, जिनका बिना विकल्प भरे भी तबादला होना तय है।
शिक्षा निदेशालय ने अपनी नई नीति में स्पष्ट प्रावधान किया है कि पांच साल या इससे अधिक समय से एक जगह जमे शिक्षकों का बिना विकल्प भरे भी ट्रांसफर किया जाएगा। इनका ट्रांसफर प्रदेश के सातों जोन में कहीं भी हो सकता है।
इसलिए खासकर दस से बीस साल से घर के पास के स्कूलों में जमे शिक्षकों की चिंताएं बढ़ गई हैं। नई शिक्षा नीति के लागू होने से शिक्षकों को घर से मीलों दूर भी नौकरी करनी पड़ सकती है। नई नीति से टीजीटी व भाषा अध्यापकों के तबादलों की तिथि आगे बढ़ने पर स्कूलों में छात्रों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है।
शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के बजाए ऑनलाइन आर्डर जारी होने के बारे में जानने के लिए रोजाना शिक्षा निदेशालय में संपर्क साधने में लगे रहते हैं। एलिमेंटरी स्कूल हेडमास्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दलबीर मलिक ने भी जल्द तबादला सूची जारी करने की मांग की है। उधर, स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास का कहना है कि ट्रांसफर आदेश जारी करने में कोई खामी नहीं छोड़ी