पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन
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रविवार को हुई पंजाब यूनिवर्सिटी की सिंडीकेट मीटिंग में लाखों स्टूडेंट्स को फिलहाल राहत मिली, वहीं कई अहम फैसले भी लिए गए। दरअसल, बैठक में ट्यूशन फीस बढ़ोतरी का मुद्दा बिना चर्चा के ही टाल दिया गया। लेकिन पेंशन सेल घोटाला जोर शोर से उठा। स्टूडेंट्स के हंगामे को देखते हुए इस प्रस्ताव पर चर्चा ही नहीं की गई। जिससे स्टूडेंट्स को फिलहाल बड़ी राहत मिली है।
‘अमर उजाला’ ने बैठक से पहले ही फीस बढ़ोतरी न होने के संकेत दे दिए थे। इस प्रस्ताव के अनुसार पीयू कैंपस और एफिलिएटेड 192 कॉलेजों में 2017-18 सत्र से ट्यूशन फीस में दोगुनी से भी अधिक फीस बढ़ाई जानी थी। पेंशन सेल घोटाला सिंडीकेट में खूब गर्माया। बहस के बीच इसे अगली बैठक के लिए टाल दिया गया।
इस तरह के मामले भविष्य में न हों इसके लिए जरूरत पड़ने पर कमेटी गठित करने का फैसला भी लिया गया। इस तरह के घोटालों से कैसे बचा जाए, इस पर पीयू प्रशासन को सुझाव देगी। अकाउंट कैडर बनाने की बात को भी मान लिया गया है। पीयू की 8 चेयर के प्रोफेसर्स को इकोनॉमी क्लास के बजाय बिजनेस क्लास की सुविधा देने को भी सिंडीकेट ने मंजूर कर लिया।
पीयू में महाराजा रणजीत सिंह चेयरशिप के लिए जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ वेस्टर्न कमांड रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जरनल केजे सिंह के नाम को हरी झंडी मिल गई। उन्हें प्रति लेक्चर 5 हजार और साल में अधिकतम 40 हजार रुपये इसके लिए अदा किए जाएंगे। साथ ही पहले से स्थापित 19 चेयर की चेयरशिप रोटेशन वाइज सीनियर प्रोफेसर को देने पर भी सहमति सिंडीकेट ने दे दी। पीएचडी कैंडिडेट्स को गाइड बदलने की मंजूरी भी मिल गई है।
कॉलेजों को सीटें बढ़ाने की मंजूरी
पंजाब यूनिवर्सिटी हॉस्टल की गर्ल्स ने किया विरोध प्रदर्शन
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सिंडीकेट ने कॉलेजों को सीटें बढ़ाने की मंजूरी भी दी है। इसके लिए कॉलेजों को अपनी अर्जी 5 अगस्त से पहले पीयू डीन कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल को भेजनी होगी। इसके बाद कॉलेजों की अर्जी को देखते हुए सीटों का कोटा बढ़ाया जाएगा।
बिल्डिंग सरंक्षण का बनेगा प्लान
पीयू कैंपस और इसकी बिल्डिंग को संरक्षित करने के लिए कॉम्प्रिहेंसिव कंजर्वेशन मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाएगा। इसमें पीयू के स्टाफ को ओरियंटेशन कोर्स के जरिये बिल्डिंग संरक्षण की जानकारी दी जाएगी। साथ ही सभी बिल्डिंग के निर्माण संबंधी रिकॉर्ड तैयार होगा। पीयू वाइस चांसलर प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर ने बताया कि इस प्रस्ताव को देखने के लिए कंजर्वेशन मैनेजमेंट कमेटी भी बनाई जाएगी।
पेपर लीक मामले में उठे सवाल
लॉ विभाग के एंट्रेस पेपर लीक मामले में बीबी प्रसून की अध्यक्षता वाली चार सदस्यीय कमेटी ने रिपोर्ट में चेयरमैन, प्रोफेसर अजय रंगा और सिस्टम पर उंगली उठाते हुए सबको दोषी ठहराया। सुझावों में कहा गया कि लिखित परीक्षा का आयोजन कराने संबंधी जिम्मेदारी एक ही व्यक्ति की होनी चाहिए, ताकि पारदर्शिता आए।
वहीं बहस के दौरान अजय रंगा ने कहा इसमें उनका कोई रोल नहीं है। उनके भाई के लिए पेपर लीक कराने के आरोप गलत हैं। उन्होंने कहा कि जब पेपर चल रहा था तो वह उस वक्त यूआईएलएस (यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज) में ड्यूटी दे रहे थे, जबकि उनके भाई का सेंटर आर्ट्स ब्लॉक थ्री में था।
सीनेट चुनाव को मंजूरी
सिंडीकेट ने सीनेट चुनाव के शेड्यूल को मंजूरी देते हुए इसकी अधीसूचना जारी करा दी। 19 सितंबर को टीचिंग डिपार्टमेंट्स में से 2 पदों के लिए प्रोफेसर्स का चयन होगा। इसी दिन रीडर्स/एसोसिएट्स प्रोफेसर्स और असिस्टेंट प्रोफेसर्स के दो पदों के लिए चुनाव होगा। 10 अगस्त को इन पदों के लिए नॉमिनेशन होंगे। पीयू रजिस्ट्रार रिटायर्ड कर्नल जीएस चड्ढा चुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर रहेंगे। नॉमिनेशन भी पीयू रजिस्ट्रार चड्ढा के ऑफिस में ही जमा होंगे। 269 वोटिंग बूथ को भी सिंडीकेट ने मंजूरी दे दी। 25 सितंबर को सुबह 8 से 1 और डेढ़ से 5 बजे तक वोटिंग हो सकेगी।