पंजाब यूनिवर्सिटी(पीयू) अगले सत्र से प्रथम वर्ष की सभी कक्षाओं की फीस में बढ़ोतरी करने की तैयारी में है। कई कोर्स की फीस 8 से 10 गुणा तक बढ़ सकती है। पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र काउंसिल और दूसरे छात्र संगठनों ने फीस बढ़ोतरी का कड़ा विरोध कर रहे हैं।
विरोध को रोकने के लिए पीयू प्रशासन फीस में छूट और स्कॉलरशिप के लिए नए नियम बनाएगा। जानकारी के अनुसार, पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्र काउंसिल के सुझाव पर गरीब विद्यार्थियों के लिए फीस में छूट और स्कॉलरशिप के नए नियमों पर काम शुरू कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, फीस और स्कॉलरशिप पाने के लिए ग्रेजुएशन में दाखिला लेने वाले स्टूडेंट की स्कूली पढ़ाई सरकारी स्कूल से होनी चाहिए। सूत्रों के अनुसार, पीयू फीस में छूट के लिए 10वीं और 12वीं सरकारी स्कूल से पास होना अनिवार्य करेगा।
कुछ सदस्यों का मत है कि स्कॉलरशिप के लिए स्टूडेंट ने 8वीं से 12वीं तक की पढ़ाई सरकारी स्कूल से की हो। लेकिन अभी इस मामले पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
फीस से 50 करोड़ जुटाने का लक्ष्य
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़।
- फोटो : डेमो फोटो
कुछ दिन पहले ही पीयू डीयूआई प्रो .दिनेश गुप्ता, डीएसडब्ल्यू और स्टूडेंट काउंसिल के बीच हुई मीटिंग में भी इस प्रस्ताव पर चर्चा हो चुकी है। पीयू अधिकारियों के अनुसार, पंजाब यूनिवर्सिटी फीस बढ़ोतरी के बाद भी जरूरतमंद विद्यार्थियों पर फीस बढ़ोतरी का बोझ नहीं डालेगी।
लेकिन यह लाभ सिर्फ योग्य विद्यार्थियों को ही दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, नए प्रपोजल के तहत 10वीं और 12वीं सरकारी स्कूल से पास करने वाले स्टूडेंट ही फीस में छूट का लाभ पा सकेंगे।
स्टूडेंट काउंसिल के प्रस्ताव के तहत प्राइवेट या पब्लिक स्कूल में स्कॉलरशिप या इकोनामिकल वीकर सेक्शन (ईडब्ल्यूएस) कोटे के तहत दाखिला लेकर पढ़ने वालों को भी छूट का लाभ दिया जा सकता है। लेकिन इस मामले में अंतिम फैसला फीस कमेटी द्वारा ही लिया जाएगा।
फीस से 50 करोड़ जुटाने का लक्ष्य
पंजाब यूनिवर्सिटी की मौजूदा आर्थिक हालत काफी नाजुक हैं। अधिकारियों के अनुसार फीस बढ़ोतरी के प्रस्ताव को जल्द फाइनल कर दिया जाएगा। आगामी सिंडीकेट बैठक में नए फीस स्ट्रक्चर को मंजूरी के लिए लाया जा सकता है।
मार्च में होने वाली सीनेट में प्रस्ताव को लाकर जुलाई सत्र से नए फीस स्ट्रक्चर को लागू कर दिया जाएगा। पीयू प्रशासन फीस बढ़ोतरी से ही करीब 50 करोड़ अतिरिक्त कमाई करने का लक्ष्य तय कर रहा है। गौरतलब है कि यूबीएस जैसे विभागों की ट्यूशन फीस को 10 हजार से सीधे एक लाख करने का प्रस्ताव है। कई अन्य विभागों की फीस भी 5 से 8 फीसदी बढ़नी तय है।
स्टूडेंट काउंसिल फीस बढ़ोतरी के खिलाफ है। लेकिन पीयू प्रशासन आर्थिक तंगी का हवाला दे रहा है। गरीब विद्यार्थियों की मदद के लिए फीस कमेटी ने फीस और स्कॉलरशिप देने का आश्वासन दिया है। यह लाभ सिर्फ सरकारी स्कूल से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को ही मिलेगा। इस संबंध में जल्द ही नियमों को अंतिम रुप दे दिया जाएगा। अगले हफ्ते इस संबंध में मीटिंग तय हो चुकी है। आशिक मोहम्मद , सेक्रेटरी पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट काउंसिल
फीस बढ़ोतरी करना जरूरी हो गया है। लेकिन गरीब विद्यार्थियों के लिए पीयू ने फीस और स्कॉलरशिप की व्यवस्था की है। सरकारी स्कूल से पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स को फीस और स्कॉलरशिप में वरीयता दी जाएगी। लेकिन इस प्रस्ताव को अभी अंतिम रूप दिया जाना है।
प्रो. प्रौमिला पाठक, प्रेसिडेंट पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा)