पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन करीब तीन लाख स्टूडेंट्स को बड़ा झटका देने की तैयारी कर रही है। 31 अगस्त को सिंडीकेट बैठक में अहम फैसले पर मुहर लगने के आसार है। दरअसल, पीयू प्रशासन 35 फीसदी तक परीक्षा फीस में बढ़ोतरी को मंजूरी देने के बाद अब ट्यूशन फीस में इजाफे की तैयारी में जुट गया है। बेशक बढ़ी हुई ट्यूशन फीस 2017-18 सत्र से लागू करने का प्रस्ताव है, लेकिन इस पर सिंडीकेट की मुहर अभी लग सकती है।
पीयू और एफिलिएटेड करीब 192 कॉलेजों के स्टूडेंट की ट्यूशन फीस में बढ़ाने का प्रस्ताव आगामी 31 जुलाई को होने वाली सिंडीकेट बैठक में रखा जाएगा। पीयू प्रशासन साल भर पहले ही ट्यूशन फीस में बढ़ोतरी पर फैसला करने जा रहा है। हाल ही में परीक्षा फीस में बढ़ोतरी को लेकर छात्र संगठनों ने काफी विरोध किया था।
इस फैसले से पीयू और कॉलेजों में पढ़ रहे करीब ढाई लाख स्टूडेंट पर असर पड़ेगा। 31 जुलाई को होने वाली पीयू सिंडीकेट में कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी रखे जाएंगे। जानकारी अनुसार पंजाब यूनिवर्सिटी की कांट्रैक्ट कर्मचारी पूजा बग्गा द्वारा करीब 2.30 करोड़ के गमन मामले की रिपोर्ट भी सिंडीकेट में रखी जाएगी। सिंडीकेट में प्रो.वीके चोपड़ा की री-इम्प्लाइमेंट का मामला भी शामिल है।
2014 में लॉ एंट्रेंस पेपर लीक मामले की रिपोर्ट सिंडीकेट में
आगामी सिंडीकेट बैठक में 9 जून 2014 को पीयू के डिपार्टमेंट ऑफ लॉ में दाखिले के लिए आयोजित लॉ एंट्रेंस पेपर लीक मामला भी आएगा। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई थी। पीयू प्रशासन ने एंट्रेंस टेस्ट को रद्द कर दिया था। 12 जुलाई को फिर से एंट्रेंस टेस्ट आयोजित करना पड़ा था। करीब दो साल बाद मामले की जांच रिपोर्ट आगामी सि़ंडीकेट में रखी जाएगी। रिपोर्ट में मामले पर आगे की कार्रवाई पर फैसला होने की उम्मीद है।