पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ अब 225 करोड़ के रिसर्च प्रोजेक्ट से आसमान छूने की तैयारी में है। इसके लिए प्रपोजल भेज दिया गया है। पंजाब विश्वविद्यालय के रिसर्च की दुनियाभर में चर्चा होती है। इसी का नतीजा है कि विदेशी विश्वविद्यालय भी पीयू के साथ समझौता कर रिसर्च करना चाहते हैं। अब इसका विस्तार किया जा रहा है। वीसी प्रो. राजकुमार के आदेश पर 225 करोड़ रुपये के रिसर्च प्रोजेक्ट तैयार करवाए गए हैं।
इनके प्रपोजल केंद्र सरकार को भेजे गए हैं। वहां से रकम मिलने के बाद रिसर्च शुरू होंगे। जानकारों का कहना है कि रिसर्च के विषय गोपनीय हैं, यह जिस दिन पूरे होंगे तो पीयू को एक अलग पहचान मिलेगी। रैंकिंग में भी बड़ा बदलाव आएगा। पीयू में 78 विभाग हैं। इसमें से अधिकांश विभाग के शिक्षक 300 से अधिक प्रोजेक्ट पर कार्य कर रहे हैं। कोई शिक्षक तीन साल से तो कोई चार साल से काम कर रहा है। केंद्र सरकार व विभिन्न एजेंसियों के रिसर्च प्रोजेक्ट की संख्या भी 62 है, जिसके लिए फंड भी मिला है। इस पर तेजी से कार्य चल रहा है।
फंड का टोटा हमेशा की तरह बरकरार है। इससे उबरने के लिए वीसी प्रो. राजकुमार ने प्लानिंग तैयार की और रिसर्च के जरिये पीयू को केंद्र सरकार से धन दिलाने का सपना देखा। इसके तहत शिक्षकों को दो माह का समय दिया गया। शिक्षकों ने 350 से अधिक रिसर्च प्रोजेक्ट तैयार किए हैं, जिन पर 225 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह रिसर्च प्रोजेक्ट एक से दो साल के लिए हैं। यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि वीसी मार्च से पहले इन प्रोजेक्ट को रकम दिलाने के लिए दिल्ली गए हैं।
इन विषयों पर होगा काम
यह प्रोजेक्ट साइंस, इंजीनियरिंग, मेडिकल, फोरेंसिक, सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र से जुड़े हैं। कुछ शिक्षक मानव संरचना से जुड़े प्रोजेक्ट पर काम करेंगे तो कुछ नैनो टेकभनोलॉजी के लिए जरिये मेडिकल जगत में बदलाव चाहते हैं। फॉरेंसिक साइंस के जरिये अपराधियों को कैसे पकड़ा जाए, इन सभी से जुड़े प्रोजेक्ट इसमें शामिल किए गए हैं। सामाजिक पहलुओं पर भी बड़े स्तर पर काम होगा। महिला सशक्तीकरण से जुड़े पहलु भी रिसर्च में शामिल होंगे।
केंद्र को भेजा प्रपोजल
लगभग 225 करोड़ रुपये के रिसर्च प्रोजेक्ट शिक्षकों की ओर से तैयार किए गए हैं। इनका प्रपोजल बनाकर केंद्र सरकार को भेजा गया है। वहां से रकम मिलने के बाद इन पर काम शुरू होगा।
- रेनुका बी सलवान, डीपीआर, पीयू
जल्द मिलेगी रकम
पीयू के रिसर्च देश-दुनिया में छाए हुए हैं। रिसर्च के लिए बड़ी संख्या में प्रोजेक्ट तैयार हुए हैं, जिनको केंद्र को भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही इसके लिए धन मिलेगा और रिसर्च के यह काम शुरू हो जाएंगे।
- प्रो. राजकुमार, वाइस चांसलर, पीयू