पिछले वर्षों में एमए अर्थशास्त्र की 85 सीटों के लिए 27 आवेदन पीयू को मिले थे। इसी तरह एमटेक पॉलीमर की 20 सीटों के लिए एक, एमई फूड टेक्नोलॉजी की 11 सीटों के लिए छह, एमएससी इंडस्ट्रियल केमेस्ट्री की 19 सीटों के लिए दो, एमई केमिकल की 22 सीटों के लिए सात, एमएससी ह्यूमन जिनोम की 17 सीटों के लिए छह, एमएससी सिस्टम बायोलॉजी की 15 सीटों के लिए दो और एमए पब्लिक हेल्थ की 19 सीटों के लिए 13 आवेदन मिले थे। कई अन्य परास्नातक कोर्सेज को भी सीटों की संख्या के मुताबिक छात्र नहीं मिले थे। इस बार उम्मीद की जा रही है कि परास्नातक कोर्सेज में दाखिले के लिए अच्छे आवेदन मिलेंगे। तमाम कोर्स के लिए आवेदन आ भी गए हैं।
इन कोर्सेज में रहती है दाखिले के लिए मारामारी
एमएससी फिजिक्स, बॉटनी, जूलॉजी के अलावा पांच वर्षीय एलएलबी पाठ्यक्रम, बीकॉम ऑनर्स, बीए ऑनर्स, यूबीएस, एमए समाजशास्त्र, एमए मनोविज्ञान आदि विभागों में दाखिले के लिए मारामारी रहती है। सीटों की संख्या से कई गुना अधिक आवेदन विभागों को मिलते हैं।
महामारी के दौर में स्नातक कोर्सेज में दाखिले के लिए आवेदनों की संख्या इस बार काफी रही है। दाखिले समय से हो रहे हैं और पूरे नियमों का ख्याल रखा गया है। -प्रो. वीआर सिन्हा, डीयूआई पीयू