पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से निकाली गई 26 शिक्षकों की रिक्तियों का रास्ता साफ नहीं हुआ। मंजूरी के लिए आयोजित की गई सीनेटरों की कमेटी ने पीयू प्रशासन से रिकॉर्ड मांगा है। साथ ही कहा है पीयू प्रशासन का रिकॉर्ड सही होगा उसके बाद इन रिक्तियों को मंजूरी मिल पाएगी। पीयू की ओर से लंबे समय के बाद 26 असिस्टेंट प्रोफसर्स की रिक्तियां निकाली गई थी।
इसके लिए अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे गए। आवेदन बड़ी संख्या में पहुंचे। उसके बाद यह प्रस्ताव सिंडिकेट में पहुंचा तो सदस्यों ने इसे रिजेक्ट कर दिया। आरोप लगाए कि जिन विभागों में शिक्षकों की आवश्यकता है वहां रिक्तियां निकाली ही नहीं गई। कई विभाग ऐसे हैं जहां स्टूडेंट्स कम हैं, लेकिन वहां शिक्षकों की अधिकता है।
मामला विवादों में आने के बाद इसके लिए सीनेटरों की जांच कमेटी गठित की गई। इसी को लेकर सोमवार को जांच कमेटी ने बैठक की। समिति ने कहा कि पीयू प्रशासन सभी विभागों में शिक्षकों की नियुक्तियों का रिकॉर्ड उपलब्ध कराए। साथ ही कितने विभाग, कितने स्टूडेंट व शिक्षक हैं यह भी रिकॉर्ड देना होगा।
रोस्टर का पालन रिक्तियां निकालते समय किया गया है या नहीं, यह भी देखा जाएगा। इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। रिकॉर्ड आने के बाद जांच होगी और उसके बाद इस पर निर्णय हो पाएगा।