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जिन बच्चों के पास नहीं है कॉपी-किताब वो न हों परेशान, ऐसे होगी पढ़ाई

Sun, 19 Apr 2020 06:22 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : Social Media
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लॉकडाउन के दौरान कॉपी और किताबों के अभाव में अब बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। उन्हें घर पर ही कक्षा की सभी किताबें और कॉपियां मुहैया कराई जाएंगी। स्कूल संचालक और किताबों के सप्लायर की मदद से किताबों की होम डिलीवरी होगी। कोई अतिरिक्त शुल्क अभिभावकों को नहीं चुकाना होगा। स्कूल एसोसिएशन और जिला प्रशासन की बैठक में इस निर्णय पर सहमति बनी है।
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अध्यक्ष अजय शाही ने बताया कि स्कूल प्रबंधन की ओर से सभी अभिभावकों को एसएमएस या व्हाट्सएप के जरिए किताबों की सूचना भेजी जाएगी। किताबों का ऑर्डर मिलने पर इसकी सूचना सप्लायर तक पहुंचाई जाएगी। इसके बाद किताबों की डिलीवरी सप्लायर की ओर से की जाएगी।

मंत्री हेमंत मिश्रा ने बताया कि व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन से सप्लायर के साथ-साथ सभी स्कूल के दो-दो कर्मचारियों को पास देने का प्रस्ताव भी रखा है। डीआईओएस ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया ने सभी स्कूल संचालकों को अपने-अपने शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करने के लिए निर्देशित किया।
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काफी समय से थी अभिभावकों की मांग

इस बैठक में सेंट पॉल्स स्कूल के निदेशक जी चंद्रा, सेंट्रल एकेडमी के निदेशक सृंजय मिश्रा, स्टेपिंग स्टोन स्कूल के राजीव गुप्ता, सेंट जोसेफ स्कूल के प्रधानाचार्य फादर सीबी, एसएसएस एकेडमी के निदेशक कनक हरि अग्रवाल, जेपी एजुकेशन एकेडमी के सलिल श्रीवास्तव, लिटिल फ्लावर स्कूल के प्रधानाचार्य फादर जेमन आदि मौजूद रहे।

अप्रैल की शुरुआत में ही शहर के ज्यादातर स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। मगर किताबों के अभाव में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। व्हाट्सएप के जरिए अध्ययन सामग्री और होमवर्क मिलने के बाद भी बच्चे उसमें मन नहीं लगा पा रहे थे। जिसके बाद से लगातार अभिभावकों की ओर से किताबों की डिमांड की जा रही थी।
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