शिक्षा विभाग और समग्र शिक्षा की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार इसी समय अवधि में विद्यार्थियों को पीसा रीडिंग चैंलेज की गतिविधि करवानी है। इसमें सातवीं से लेकर 11वीं तक के सभी विद्यार्थियों को शामिल करवाना है। महिला दिवस को समर्पित एक हफ्ते की गतिविधियां आयोजित करवानी है। बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट की गतिविधियों में विद्यार्थियों को शामिल करवाना है। परीक्षा पर चर्चा में 14 मार्च तक विद्यार्थियों को आवेदन करवाना है।
सरकारी स्कूल के शिक्षक विद्यार्थियों को पढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करने की बजाय इन्हीं सब गतिविधियों में ही अपनी जिम्मेदारी निभाने को मजबूर है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई का भी नुकसान हो रहा है। कई शिक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि व्यस्त शेड्यूल के चलते बच्चों को पढ़ाने का समय नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
विद्यार्थियों को पढ़ाने के बजाय अन्य कामों में शिक्षकों को लगाया
मार्च विद्यार्थियों के शैक्षणिक कार्यों के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है लेकिन शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की पढ़ाई को अनदेखा करते हुए शिक्षकों की ड्यूटी अन्य कामों में लगा रखी है। बहुत सारी गतिविधियां मार्च में ही करवानी है, जबकि ये सब काम विभाग स्थगित कर बाद में भी करवा सकता है। - स्वर्ण सिंह कंबोज, अध्यक्ष, यूटी कैडर एजुकेशनल इंप्लाइज