दो साल पहले शुरू हुआ था यह विषय
अंग्रेजी विभाग के दो छात्रों का कहना है कि वर्ष 2019 में उनके विभाग में राइटिंग फ्रॉम पंजाब विषय शुरू किया गया। उनका कहना है कि इस विषय की यहां जरूरत नहीं थी। इसकी जगह कोई दूसरा विषय शामिल किया जाना चाहिए था। यदि शामिल भी कर दिया गया तो इसकी परीक्षा में ऐसे सवाल पूछे जाने चाहिए थे कि जो छात्रों की धार्मिक भावना को चोट न पहुंचाते। जिस धर्म से विद्यार्थी जुड़े हैं उसके खिलाफ वह नहीं जा सकते और न सवालों के जवाब दे सकते हैं।
यूआईएलएस के कुछ छात्रों ने किया विरोध
पीयू के यूआईएलएस के कुछ छात्रों ने इन सवालों पर कड़ी आपत्ति दायर करते हुए है कि इससे एक संप्रदाय से जुड़े विद्यार्थियों को चोट पहुंची है। इस प्रकरण से पीयू प्रशासन को सोमवार को अवगत कराएंगे। उन्होंने फोन के जरिए कुछ अधिकारियों तक यह बात पहुंचाई है। लिखित में शिकायत सोमवार को की जाएगी।
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि किसी प्रश्नपत्र में धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले सवाल पूछे गए हैं तो यह गलत है। मैं इस प्रकरण को देखूंगा और गलती हुई होगी तो उसमें सुधार करेंगे। - प्रो. वीआर सिन्हा, डीयूआई