चंडीगढ़ में केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से एफीलिएटिड कुल 165 स्कूलों में से 76 स्कूलों की एफीलिएशन एक्सपायर हो गई है। इन 76 स्कूलों में से ज्यादातर सरकारी स्कूल हैं। कई सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जिनका एफीलिएशन एक्सपायर हुए 10 साल बीत चुके हैं पर अब तक उनको अपग्रेड नहीं कराया गया।
इसी तरह शहर के कुछ प्राईवेट स्कूल भी हैं, जिनकी एफीलिएशन साल 2016 और 2018 में एक्सपायर हो चुकी है। इसी तर्ज पर एक केंद्रीय विद्यालय और एक नवोदय विद्यालय भी हैं। सीबीएसई ने अपनी वेबसाइट पर एफीलिएटिड स्कूलों की लिस्ट अपलोड की है। इसमें ही यह खुलासा हुआ है। सीबीएसई अब इन स्कूलों पर कार्रवाई के मूड में है।
49 सरकारी स्कूलों की एफीलिएशन एक्सपायर, कई सीनियर सेकेंडरी
सीबीएसई की तरफ से जारी की गई लिस्ट में 49 स्कूल सरकारी हैं। इनमें सबसे ज्यादा हाई स्कूल हैं। 49 स्कूलों में 18 गर्वमेंट हाई स्कूल, 17 गर्वमेंट मॉडल हाई स्कूल और 14 गर्वमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल है। सीबीएसई के एफीलिएशन विभाग में बात करने पर एक अधिकारी ने बताया कि सरकारी स्कूलों को खुलने के साथ ही सीबीएसई द्वारा एफीलिएशन प्राप्त हो जाता है, उन्हें साल दर साल अपग्रेड कराना होता है।
लेकिन जिन स्कूलों ने कई सालों से अपग्रेड नहीं कराया उन पर क्या कार्रवाई हो सकती है, यह कानूनी राय लेने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
25 प्राइवेट स्कूलों की एफीलिएशन एक्सपायर
शहर के कई नामी प्राईवेट स्कूलों की भी एफीलिएशन एक्सपायर हो चुकी है। ज्यादातर स्कूलों ने अप्लाई किया हुआ है। कई स्कूल ऐसे भी हैं, जिनकी एफीलिएशन 2-3 साल पहले खत्म हो गई थी पर यह अभी तक अपग्रेड नहीं हो पाया। एक प्राइवेट स्कूल के प्रिंसिपल ने बताया कि इस बार एफीलिएशन का सारा काम ऑनलाइन हो गया है। स्कूलों की तरफ से डॉक्यूमेंट भेज दिए गए हैं लेकिन सीबीएसई की तरफ से ही लेट किया जा रहा है।
हमने एफीलिएशन के लिए अप्लाई किया हुआ है। स्कूल की तरफ से सभी तरह के डॉक्यूमेंट्स जमा कराए गए हैं, इस बार सीबीएसई की तरफ से लेट किया गया है।
- - कंवलजीत कौर, प्रिंसिपल, एसजीजीएसजीएस-35 बी
हमने सीबीएसई को इस बारे कई बार रिमाइंडर भेजा है। 3 बार पत्र भी लिखा है पर उनकी तरफ से ही लेट किया जा रहा है। हालांकि बच्चों की पढ़ाई और परीक्षाओं पर इसका असर नहीं पड़ेगा।
- मोनिका शर्मा, प्रिंसिपल, एसडी पब्लिक स्कूल-32
सरकारी स्कूलों को खुलने के साथ ही एफीलिएशन मिल जाती है, लेकिन इसे अपग्रेड कराना होता है। अगर किसी स्कूल की एफीलिएशन एक्सपायर हुई है, तो स्कूलों से पूछा जाएगा कि क्या कारण रहे हैं।
- अनुजीत कौर, जिला शिक्षा अधिकारी