चंडीगढ़। चंडीगढ़ ऐडेड कॉलेजेज टीचर्स एसोसिएशन (कैक्टा) ने केंद्र सरकार से यूजीसी रेगुलेशन-2018 को तुरंत लागू करने तथा शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने की मांग तेज कर दी है। संस्था ने शिक्षा मंत्रालय के सचिव को विस्तृत प्रतिनिधित्व भेजा है जिसकी प्रति केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को भी भेजी गई है।
कैक्टा ने स्पष्ट किया है कि पंजाब सरकार की सहमति का संदर्भ चंडीगढ़ के एडेड कॉलेजों पर लागू नहीं होता क्योंकि ये कॉलेज प्रशासनिक व वित्तीय रूप से पंजाब सरकार के अधीन नहीं हैं। इन्हें चंडीगढ़ प्रशासन के माध्यम से केंद्र से 95% अनुदान मिलता है इसलिए ये नियमों और सेवा शर्तों के लिहाज से केंद्रीय वित्तपोषित संस्थानों की श्रेणी में आते हैं।
एसोसिएशन के अनुसार 2018 में सेवा शर्तें, पदोन्नति प्रक्रिया और सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष तय है जिसे पंजाब यूनिवर्सिटी अपने एडेड कॉलेजों में लागू कर चुका है। इसके बावजूद चंडीगढ़ के एडेड कॉलेज पुराने मानकों पर चल रहे हैं जिससे शिक्षकों में भ्रम और असमानता की स्थिति बनी है। कैक्टा ने मांग की है कि तत्काल अधिसूचना जारी कर रिटायरमेंट आयु 65 वर्ष की जाए और यूजीसी नियमों को पूर्ण रूप से लागू किया जाए।