हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर
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हरियाणा में मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चा के साथ ही मंत्रियों ने फील्ड में सक्रियता बढ़ा दी है। अपनी परफारमेंस को लेकर चिंतित मंत्रियों ने कामकाज पर फोकस कर दिया है।
भाजपा सरकार के अब तक के कार्यकाल में किए गए कामों की रिपोर्ट मंत्रियों से मांग ली गई है। लिहाजा मंत्रियों के पीए रिपोर्ट तैयार करने में लगे हैं। जिला शिकायत निवारण समितियों की बैठकों में मंत्रियों की सक्रियता पहले से ज्यादा बढ़ गई है। इसके साथ ही इन कमेटियों की बैठकों के सार्थक व कठोर परिणाम जनता के सामने आ रहे हैं। हरियाणा में अन्य मंत्रियों के मुकाबले सबसे अधिक सक्रिय अनिल विज हाल ही में बैठक के दौरान बिजली निगम के अधिकारी को निलंबित कर चुके हैं।
स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन ने पुरानी जांच के आधार पर छह एक्सईएन समेत आठ अधिकारियों को निलंबित किया है। वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने गत दिवस अंबाला में जिला परिवेदना समीति की बैठक में एक जनसूचना अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। खाद्य आपूर्ति मंत्री करण देव कांबोज ने भी अपनी सक्रियता बढ़ाते हुए कुछ पेट्रोल पंपों पर छापामारी की है। इसके अलावा कई अन्य मंत्रियों ने भी हरियाणा में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।
वजह साफ है पिछले दिनों विधायकों और मंत्रियों द्वारा अफसरशाही की शिकायतों के बाद सभी जिलों में ब्यूरोक्रेसी बदली जा चुकी है। कई विधायकों और मंत्रियों के कहने पर उनके जिलों में उनकी मर्जी केअफसर लगाए गए हैं। लिहाजा मंत्रियों की परफारमेंस का रिकार्ड अब आलाकमान ने भी मांग लिया है।