नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल्स एजुकेशन एंड रिसर्च में सोमवार को सिल्वर जुबली समारोह का आगाज हुआ। लेकिन कार्यक्रम में न तो कोई केंद्रीय मंत्री पहुंचा और न ही सरकार का कोई प्रतिनिधि। इतना ही नहीं छात्रों के कई गुटों ने कार्यक्रम का बहिष्कार किया। हालांकि प्रोग्राम के बाद संस्थान के डॉयरेक्टर केके भूटानी मीडिया से रूबरू तो हुए। लेकिन उन्होंने सीबीआई रेड के संबंध में कुछ भी कहने से मना कर दिया।
समारोह नाइपर के ऑडिटोरियम में हुुआ। समारोह में पंजाब यूनिवर्सिटी के अमेरिटस प्रो. हरकिशन सिंह बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। संस्थान के फाउंडर डायरेक्टर डॉ. सीएल कौल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। वहीं दिल्ली एम्स के डॉ. नरेंद्र मेहरा भी हाजिर रहे। प्रोग्राम में भूटानी ने संस्थान की उपलब्धियां गिनाईं।
फिर एम्स के डॉक्टर नरेंद्र मेहरा ने अपनी प्रजेंटेशन दी। इसके बाद संस्थान के डायरेक्टर केके भूटानी मीडिया के सामने आए। माडिया के सवाल पूछने से पहले ही उन्होंने सीबीआई के मामले में कुछ कहने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि जांच चल रही है। मैं बेकसूर हूं। मुझे कानून पर भरोसा है।
रिपोर्ट आने के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। बता दें कि प्रोग्राम में केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने आना था। इसी बीच सीबीआई ने नाइपर में छापामारी की। ऐेसे में उन्होंने बीच में ही अपना दौरा कैंसल कर दिया।
छात्रों का एक गुट रहा नदारद
जानकारी के मुताबिक नाइपर में करीब एक हजार स्टूडेंट हैं। लेकिन कार्यक्रम में कुछ ही छात्र शामिल हुए। वह भी कार्यक्रम के बीच में कुर्सियां छोड़कर चले गए। छात्रों का एक गुट कार्यक्रम से नदारद रहा।
जानकारी के अनुसार 600 से अधिक छात्र कार्यक्रम का हिस्सा नहीं बने। अधिकतर छात्रों ने हॉस्टल में रहकर कार्यक्रम का बायकॉट किया। बात दें कि छात्र सरकार से भूटानी को उनके पद से हटाने की मांग कर रहें हैं। छात्र उन पर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगा रहे हैं।
मंत्री की गैर मौजूदगी पर भूटानी ने दी सफाई
भूटानी से सवाल पूछा गया कि कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार क्यों नहीं पहुंचे। इस पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि मंत्री जी मुंबई में किसी कार्यक्रम में व्यस्त थे। कार्यक्रम सालभर मनाया जाएगा। मंत्रालय के सेक्रेटरी आने वाले दिनों में नाइपर का दौरा करेंगे। इसके बाद मंत्री के आने की पूरी उम्मीद है।