पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने चंडीगढ़ में आयकर विभाग के अधिकारियों के नाम पर 26 लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में लुधियाना के चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) अंकुश सरीन को गिरफ्तार किया है। उसने यह रकम अमेरिका में रह रहे एक परिवार को आयकर विभाग के नोटिस को रफा -दफा करवाने के नाम पर ली थी। सीए के खिलाफ मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाइन पर शिकायत दी गई थी। साथ ही रिश्वत लेने का वीडियो भी भेजा गया था। इसके बाद विजिलेंस ब्यूरो के थाना लुधियाना में भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया है। विजिलेंस का कहना है कि मामले की जांच चल रही है, जल्दी ही कुछ और लोग गिरफ्तार किए जाएंगे।
आरोपी सीए के खिलाफ परमिंदर सिंह सिद्धू निवासी गाव मलसियां जिला लुधियाना ने शिकायत दी थी। उनका आरोप था कि सीए निजी प्रैक्टिस करता है। उसने शिकायतकर्ता के अमेरिका में रहने वाले रिश्तेदार को आयकर रिटर्न के संबंध में जारी एक नोटिस को रफादफा करने के एवज में आयकर अधिकारियों को रिश्वत देने के नाम पर दो किश्तों में 26 लाख रुपये लिए। सिद्धू ने 15 जनवरी 2023 को 25 लाख रुपये सीए को उसकी निवास पर सौंपे थे और उसका वीडियो भी बना लिया। इसके बाद सीए 26 जनवरी-2023 को शिकायतकर्ता से आयकर विभाग के जूनियर अधिकारियों के लिए एक लाख रुपये और वसूले।
विजिलेंस प्रवक्ता ने बताया कि आयकर विभाग से पूछताछ के दौरान शिकायतकर्ता को पता चला कि नोटिस अभी भी बरकरार है। सीए ने आयकर अधिकारियों के नाम पर भारी जुर्माना लगने का डर दिखाकर रिश्वत वसूली है, जो उसने किसी को भी आगे नहीं दी। फिर शिकायतकर्ता ने सीए अंकुश सरीन से पैसे वापस करने के लिए कहा तो मना कर दिया।