यह बैठक श्री डेरा बाबा नानक की जीरो लाइन पर होगी। इससे पहले दोनों देशों के अधिकारियों के बीच पहली बैठक 14 मार्च को अटारी में हुई थी। पाकिस्तान सरकार द्वारा निर्माण कमेटी में अलगाववादियों को शामिल करने के विरोध में भारत ने 2 अप्रैल को वाघा में होने वाली बैठक में भाग लेने से इंकार कर दिया था। दोनों देशों के तकनीकी अधिकारियों की बैठक 16 अप्रैल को हुई थी।
विरासत संरक्षित करने में गंभीर नहीं पाक: एएससी
अमेरिकन सिख काउंसिल (एएससी) ने एक बार फिर पाकिस्तान सरकार से गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब, श्री करतारपुर साहिब के आस-पास 104 एकड़ जमीन को संरक्षित करने की गुहार लगाई है। एएससी के सदस्यों ने इस बात की निराशा प्रकट की है कि पाकिस्तान सरकार से इस संदर्भ में बार-बार गुहार लगाने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं।
एएससी की उपाध्यक्ष जसबीर कौर का कहना है कि बाबा नानक की विरासत को न संभाला गया तो इस पवित्र स्थल की भावना को नष्ट करने समान होगा। एएससी ने दावा किया है कि श्री करतारपुर साहिब गुरुद्वारा और उसके आस-पास के 104 एकड़ क्षेत्र को अछूता रखने के लिए काफी प्रयास किए गए हैं।
पाकिस्तान सरकार की ओर से करतारपुर कॉरिडोर का आधुनिकीकरण करने के नाम पर इस पवित्र स्थल को पर्यटकों के आकर्षण में नहीं बदला जाना चाहिए। कोई भी समझदार सिख अपनी उत्कृष्ट विशिष्टता के स्थान पर संगमरमर से बने हुए मठ में जाने के लिए हजारों डॉलर खर्च करने की इच्छा नहीं रखता है।