शहर के उन चौराहों पर जहां सबसे ज्यादा ट्रैफिक कंजेक्शन है, अंडर पास बनाने का प्रोजेक्ट छह साल से अटका है।
तीन अंडर पास के लिए तो केंद्र से बजट भी मंजूर हो चुका है। दूसरी ओर सेक्टर-17 का गैर जरूरी ओवरब्रिज डेढ़ साल में बना दिया।
शहर के प्रमुख लोगों का कहना है कि अगर सभी प्रस्तावित अंडर पास बना दिए जाएं तो प्रेस चौक, ट्रांसपोर्ट चौक, पिकाडली चौक पर वाहन चालकों को काफी राहत मिलती।
8 अंडर पास का प्रस्ताव कर दिया था रद्द
शहर में सेक्टर-15 और 11 के बीच एक अंडर पास पहले से है। ट्रैफिक दिक्कतों को देखते हुए शहर में छह साल पहले आठ अंडर पास बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था मगर इसे प्रशासन ने रद्द कर दिया।
इसके बाद चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड को नोडल एजेंसी बनाकर दोबारा अंडरपास प्रोजेक्ट तैयार किया गया। इसके आधार पर प्रेस चौक, ट्रांसपोर्ट चौक और पिकाडली चौक पर तीन अंडरपास के लिए मंजूरी दी गई।
इसके लिए 2013-14 में बजट भी पास हो गया। बावजूद प्लान अभी विचाराधीन है।
यहां अंडर पास को नहीं समझा जरूरी
पहले जिन आठ जगह अंडर पास बनाने का प्रस्ताव था उनमें सेक्टर-17 में आईएसबीटी चौक, मटका चौक, क्रिकेट स्टेडियम-16 चौक और किसान भवन चौक भी शामिल थे। मगर यहां अंडर पास बनाने का प्रस्ताव रद्द कर दिया गया।
प्लानिंग का काम अभी चल रहा है
चीफ आर्किटेक्ट सुमित कौर के मुताबिक, "हमारे पास तीन अंडरपास बनाने का प्रस्ताव है, जोकि ट्रांसपोर्ट लाइट प्वाइंट, पिकाडली चौक और प्रेस चौक पर बनने हैं। इनकी प्लानिंग का काम अभी चल रहा है।"
उपयोगी प्लान पर काम नहीं
भाजपा पार्षद अरुण सूद के अनुसार ली काबूर्जिए के जो प्लान जनता के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं, उन पर तो प्रशासन कोई गंभीरता नहीं दिखा रहा। सेक्टर-17 के ओवरब्रिज का हमने शुरू से ही विरोध किया है। इसके टेंडर के वक्त भी हमने विरोध जताया था।
जनता को भी फायदा होता
भाजपा पार्षद सौरभ जोशी ने बताया कि शहर में कई सड़कें ऐसी हैं, जिन पर हमेशा ट्रैफिक की समस्याएं रहती है। मध्यमार्ग पर अगर ओवरब्रिज या अंडर पास बनता तो कहीं न कहीं जनता को भी फायदा होता। सेक्टर-17 का ओवरब्रिज तो जनता के पैसे की बर्बादी है। इसकी जांच होनी चाहिए।
पब्लिक फंड का दुरुपयोग
अकाली पार्षद मलकीयत सिंह के अनुसार मध्यमार्ग पर प्रेस चौक और ट्रांसपोर्ट लाइट प्वाइंट पर हमेशा ट्रैफिक जाम रहता है। यहां ओवरब्रिज बनाने की जरूरत थी। सेक्टर-17 में ओवर ब्रिज का निर्माण तो सिर्फ पब्लिक फंड का दुरुपयोग है।