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हरियाणा बजट : प्रदेश में खुलेंगे 4000 प्ले वे स्कूल, पंचायती राज संस्थाओं को मिलेंगे 500 करोड़ रुपये

Fri, 12 Mar 2021 09:36 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा का बजट सत्र। - फोटो : @cmohry
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हरियाणा सरकार की प्रदेश में 4000 प्ले वे स्कूल खोलने की योजना है। पहले चरण में, स्कूल परिसरों या विभागीय भवनों में संचालित 1135 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले-स्कूल में अपग्रेड किया जाएगा और इस महीने से 14 और आंगनबाड़ी केंद्र परिचालित किए जाएंगे। दूसरे चरण में, वर्ष 2021-22 में 2865 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले-स्कूल में अपग्रेड किया जाएगा। इसके अलावा, दो चरणों में 500 क्रेचों को भी संचालित किया जाएगा।

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182 क्रेच पहले से ही आधुनिक सुविधाओं के साथ संचालित किए जा रहे हैं। वित्त वर्ष में विभिन्न जिलों में कामकाजी महिलाओं की संख्या का आकलन करने के बाद मौजूदा आंगनबाड़ी केंद्रों का उन्नयन कर शेष 318 क्रेच शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा, सरकार अगले एक साल में आंगनबाड़ियों की कार्य प्रणाली में सुधार लाएगी और शेष बची 21,962 आंगनबाड़ियों के माध्यम से गुणवत्तापरक खेल-खेल में सीख या स्कूल पूर्व शिक्षा प्रदान करेगी। प्राथमिक विद्यालयों में प्रवेश से पहले छोटी आयु के बच्चों के लिए एक ठोस मौलिक आधार तैयार किया जाएगा। 

पंचायती राज संस्थाओं को हर साल मिलेंगे 500 करोड़ रुपये
सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं को विभिन्न वित्तीय शक्तियां प्रदान करके उनके राजस्व को बढ़ाने का एलान किया है। इससे प्रति साल संस्थाओं को करीब 500 करोड़ रुपये मिलेंगे। ग्रामीण क्षेत्र में संपत्ति के मूल्य के दो प्रतिशत के बराबर स्टाम्प शुल्क पर लगने वाले अधिभार से एकत्रित राजस्व का एक प्रतिशत जिला परिषद और पंचायत समिति को दिया जाएगा और शेष एक प्रतिशत ग्राम पंचायतों को दिया जाएगा। इससे विकास कार्यों के लिए जिला परिषदों, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों को सालाना लगभग 400 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसी प्रकार, बिजली की खपत पर लगाए गए दो प्रतिशत पंचायत कर से भी ग्राम पंचायतों को लगभग 100 करोड़ रुपये वार्षिक मिलेंगे।

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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं को 10:15:75 के अनुपात में निधियां, कार्य एवं पदाधिकारी हस्तांतरित करके इनको आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयासरत हैं। विकेन्द्रीकरण के लिए राज्य में ‘ग्राम दर्शन’ के नाम से एक तकनीकी आधारित पहल की गई है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत विभिन्न विभागों की और अधिक योजनाओं को पंचायती राज संस्थाओं को स्थानांतरित करने की संभावनाओं का पता लगाया जा रहा है। 

फिलहाल हरियाणा सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं का सशक्तीकरण के लिए ग्रामीण विकास विभाग की सभी योजनाएं, उनके अमले के साथ जिला परिषदों को हस्तांतरित की हैं। इन योजनाओं में जिला ग्रामीण विकास एजेंसी, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, सांसद आदर्श ग्राम योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, स्वर्ण जयंती खंड उत्थान योजना, स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण शामिल हैं। 

पंचायती राज इंजीनियरिंग विंग को जिला परिषद के दायरे में लाया गया है। इसके अलावा, बस क्यू शेल्टर एवं आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण, उप-स्वास्थ्य केद्रों का रखरखाव और प्राथमिक विद्यालयों की निगरानी करने जैसे अन्य विभागों के कुछ कार्य धनराशि सहित जिला परिषदों को सौंपे गए हैं।
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