मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं को 10:15:75 के अनुपात में निधियां, कार्य एवं पदाधिकारी हस्तांतरित करके इनको आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयासरत हैं। विकेन्द्रीकरण के लिए राज्य में ‘ग्राम दर्शन’ के नाम से एक तकनीकी आधारित पहल की गई है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत विभिन्न विभागों की और अधिक योजनाओं को पंचायती राज संस्थाओं को स्थानांतरित करने की संभावनाओं का पता लगाया जा रहा है।
फिलहाल हरियाणा सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं का सशक्तीकरण के लिए ग्रामीण विकास विभाग की सभी योजनाएं, उनके अमले के साथ जिला परिषदों को हस्तांतरित की हैं। इन योजनाओं में जिला ग्रामीण विकास एजेंसी, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, सांसद आदर्श ग्राम योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, स्वर्ण जयंती खंड उत्थान योजना, स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण शामिल हैं।
पंचायती राज इंजीनियरिंग विंग को जिला परिषद के दायरे में लाया गया है। इसके अलावा, बस क्यू शेल्टर एवं आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण, उप-स्वास्थ्य केद्रों का रखरखाव और प्राथमिक विद्यालयों की निगरानी करने जैसे अन्य विभागों के कुछ कार्य धनराशि सहित जिला परिषदों को सौंपे गए हैं।