पंजाब के फिरोजपुर में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जावनों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक आसमान में मंडरा रहे पाक ड्रोन पर ताबड़तोड़ करीब 100 गोलियां दागीं। इसके बाद ड्रोन आसमान से सीधा जमीन पर आ गिरा। ड्रोन के साथ कोई सामग्री नहीं मिली है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि ड्रोन हेरोइन या हथियारों की खेफ छोड़कर लौट रहा था। बुधवार सुबह बीएसएफ व पुलिस ने संयुक्त सर्च अभियान शुरू किया। यह घटना बीएसएफ फिरोजपुर सेक्टर के अंतर्गत सीमांत गांव गंदू किलचा की है।
बीएसएफ अधिकारियों के मुताबिक बटालियन-136 के जवान सरहद पर फेंसिंग के पास गश्त कर रहे थे। उन्हें आसमान में ड्रोन के मंडराने की आवाज सुनाई दी। बीएसएफ ने लगभग 100 गोलियों के अलावा रोशनी बम भी दागे। ऊंचाई अधिक न होने के कारण गोली लगने से ड्रोन जमीन पर गिर गया। सूचना मिलते ही बीएसएफ के कार्यकारी डीआईजी अशोक कुमार, कमांडेंट डॉ. एस के सोनकर, एसएसपी सुरेंद्र लांबा, कमांडेंट अमरजीत सिंह व डिप्टी कमांडेंट गुरप्रीत सिंह वारदात स्थल पर पहुंचे।
खुफिया सूत्रों के मुताबिक ड्रोन हेक्सा काप्टर है। ऐसे ड्रोन काफी ऊंचाई तक उड़ सकते हैं और 100 किलो के करीब वजन उठा सकते हैं। उल्लेखनीय है कि तीन नवंबर को भी बीएसएफ की चौकी जगदीश के नजदीक ड्रोन देखा गया था। बीएसएफ की फायरिंग के बाद ड्रोन पाकिस्तान लौट गया था।
बीएसएफ जवानों ने पाकिस्तानी गुब्बारे को गिराया
उधर, गुरदासपुर में बीएसएफ की 58 बटालियन की बीओपी चौंतरा पर तैनात जवानों ने पाकिस्तानी गुब्बारे को फायरिंग कर गिरा दिया। जानकारी मिलते ही बीएसएफ के डीआईजी प्रभाकर जोशी मौके पर पहुंचे। इसके बाद जवानों ने इलाके में सर्च अभियान चलाया। डीआईजी प्रभाकर जोशी ने बताया कि गत रात को पोस्ट पर तैनात बीएसएफ जवान योगेश ने पाकिस्तान से आ रही एक वस्तु को देखा। इसके बाद जवान हरकत में आया और इलू बम दागे। इसके बाद जवान रामचंद्र ने फायरिंग कर उड़ती वस्तु को जमीन पर गिरा दिया। जांच करने पर पता चला कि यह पाकिस्तानी गुब्बारा है।
पाकिस्तान से कब-कब आए हथियार
- तीन जनवरी 2020 को तरनतारन में ड्रोन के माध्यम भेजी एके-47 राइफल।
- एक अक्तूबर 2019 को बीएसएफ और एसटीएफ ने तीन लोगों को एके-47 व कारतूस के साथ पकड़ा।
- सितंबर व अक्तूबर 2019 में ममदोट क्षेत्र से पांच एके-47 राइफलें व गोला-बारूद पकड़ा था।
- 13 सितंबर 2019 में अमृतसर से ट्रक में लदे हथियार पठानकोट में पकड़े, जिसमें छह एके-56 राइफल, दो एके-47 राइफल, छह मैगजीन व 180 कारतूस थीं।
- छह अक्तूबर 2011 को खेमकरण स्थित बीओपी जेएन मोहम्मद के पास चीन की पिस्टल, दो मैगजीन व 14 कारतूस पकड़े।
- 24 अक्तूबर 2011 में फाजिल्का के सीमांत गांव हस्ताकलां में तस्कर से दो पिस्तौल, तीन मैगजीन व 40 कारतूस के अलावा 58 किलो हेरोइन पकड़ी थी।
- चार फरवरी 2012 में अमरकोट स्थित बीओपी पल्लोपत्ती से एक पिस्टल, एक मैगजीन व आठ कारतूस पकड़े।
- 12 सितंबर 2020 में फिरोजपुर के ममदोट के अंतर्गत बीओपी न्यू गजनी वाला के पास फेंसिंग पार खेत में एक बैग मिला। बैग में एके-47 की तीन राइफलें, इसी राइफल की छह मैगजीन और 91 कारतूस, दो-एम की दो राइफलें, इस राइफल की चार मैगजीन और 57 कारतूस के अलावा दो पिस्तौल (चीन) और 20 कारतूस मिले।