बाथरूम में गिरने की आवाज को सुन बेटी अनीता को आवाज लगाई लेकिन बेटी की ओर से कोई जवाब नहीं आया। बेटे की हालात को ठीक होने पर पार्क में सैर कर रहे अपने साली व साढ़ू को आवाज लगाई और बेटी को तलाशना शुरू किया। बेटी छत पर बेसुध पड़ी थी और शरीर ठंडा पड़ चुका था। रिश्तेदारों की सहायता से बेटे और बेटी को गाड़ी में एक निजी अस्पताल लाया गया। जिसके बाद डॉक्टरों ने अनीता को मृत घोषित कर दिया और बेटे की भी थोड़ी देर बाद मृत्यु हो गई।
पिता ओमप्रकाश का कहना है कि उनकी पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। जिसके बाद से दोनों बच्चे तनाव में रहने लगे थे, इसके चलते दोनों ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने बताया कि दोनों भाई-बहन तनाव का बोझ नहीं झेल पाये और तनाव के कारण ही बेटे ने निजी बैंक में सहायक मैनेजर का पद छोड़ दिया था।
बेटा हमेशा बोलता था कि मैं तनाव में काम नहीं कर सकता, मुझे सरकारी नौकरी की तैयारी करनी है। बेटी 2014 में डबल एमए करने के बाद सिविल प्रतियोगी की तैयारी कर रही थी और साथ ही ट्यूशन भी पढ़ा रही थी। मां की मृत्यु के बाद दोनों सिरसा में ही एक निजी कोचिंग सेंटर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में लगे हुए थे।
मामला आत्महत्या का है, घटनास्थल से चूहे मारने की दवा व कटर, चाकू भी बरामद किया है। दोनों की कलाई पर कट के निशान भी है। जहरीले पदार्थ का भी सेवन किया है। - अमित बैनीवाल, एसएचओ, सिविल लाइन थाना सिरसा।