ओलंपिक मेडल विजेता साक्षी मलिक का स्वागत
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साक्षी की प्रतिभा को मोखरा के माड़िया पहलवान ने आज से 18 साल पहले ही परख लिया था। माड़िया ही साक्षी को पहला दांव सिखाने वाले कोच हैं। वे मोखरा में शिव शंकर अखाड़ा चलाते हैं। साक्षी के ओलंपिक में पदक जीतने के बाद वे भी खुशी से गदगद थे। उन्हें मंच पर बुलाकर सम्मानित भी किया गया।
जब साक्षी मलिक ने पहला दांव सिखाने वाले माड़िया पहलवान के बारे में शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा को बताया तो उन्होंने उन्हें सम्मान के तौर पर 10 लाख रुपये देने की घोषणा कर दी। साक्षी के पिता सुखबीर मलिक जब गांव में रहते थे तो वे माड़िया पहलवान के अखाड़े में चले जाया करते थे। लगभग 18 साल पहले एक दिन सुखबीर साक्षी को भी अपने साथ अखाड़े में ले गए।
माड़िया पहलवान साक्षी को अखाड़े में ले गए तथा उसके साथ खेलने लगे। उस समय साक्षी की उम्र पांच साल थी। उसके बाद अकसर सुखबीर मलिक साक्षी को अपने साथ अखाड़े में ले जाने लगे थे। माड़िया पहलवान ने तब सुखबीर मलिक को कहा था कि ये लड़की एक दिन बड़ी पहलवान बनेगी। इसे कुश्ती का अभ्यास जरूर कराते रहना।