बस में बहनों की बहादुरी सवालों के घेरे में आने के बाद हरियाणा सरकार ने 26 जनवरी को उनके सम्मान पर रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के ओएसडी जवाहर यादव ने बताया कि जब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक बहनों को सम्मानित नहीं किया जाएगा।
उधर, सोनीपत डिपो की बस के ड्राइवर-कंडक्टर को भी बहाल कर दिया गया है। गौरतलब है कि दोनों बहनें आरती और पूजा ने छेड़खानी करने वाले तीन मनचलों को चलती बस में जमकर पीटने की बात सामने आई थी।
यह मामला प्रकाश में तब आया जब उन मनचलों की धुनाई की वीडियो वायरल हुआ। बाद में इसी वीडियो के वायरल होने के बाद उन लोगों की गिरफ्तारी हुई। सीएम खट्टर ने गणतंत्र दिवस पर दोनों बहनों को सम्मानित करने का फैसला लिया।
सीएम से मिले लड़कों के परिजन
रोहतक की बहनों से छेड़छाड़ से आरोपी लड़कों के परिजन आज एक दिवसीय दौरे पर रोहतक आए सीएम मनोहर लाल खट्टर से मिले। सीएम ने उन्हें आश्वासन दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
रोडवेज की हड़ताल बहाली के साथ खत्म
बहनों के प्रकरण में सस्पेंड किए सोनीपत रोडवेज डिपो के बस ड्राइवर- कंडक्टर को बहाल कर दिया गया है। उनकी बहाली के साथ ही सोनीपत डिपो में सुबह से चल रही हड़ताल को खत्म कर दिया गया।
गौर हो कि सुबह ये सोनीपत डिपो के मुलाजिमों ने डिपो में धरना देकर हड़ताल शुरू कर दी थी। एसडीएम ने जब ड्राइवर-कंडक्टर को बहाल करने के आदेश दिए, तब जाकर हड़ताल खत्म हुई।
'बस में छेड़खानी जैसी बात नहीं थी'
बस में बहनों द्वारा तीन लड़कों को पीटने के मामले में बस में यात्रा कर रहे तीन और लोग सामने आए, जिन्होंने शपथपत्र देकर लड़कों को निर्दोष बताया है। मामले की चश्मदीद एमडीयू की एमफिल स्टूडेंट सोनीपत निवासी सोनिया मित्तल ने कहा कि बस में छेड़खानी जैसी बात नहीं थी, महिला की सीट को लेकर विवाद हुआ था।
सोनिया ने बताया कि वह बस पास से रोज सोनीपत से आती जाती है। 28 नवंबर को क्लास करने के बाद वह बस स्टैंड पर गई। उसने बताया कि टिकट लेते समय भी ये लड़कियां लाइन में धक्कामुक्की करते हुए आगे चली गईं थी। हम लड़कियों को 7, 8, 9, 10, 11 नंबर सीट का टिकट मिला था। जब बस में बैठने गई तो बताया गया कि यह बस नहीं जाएगी।
हम लोग दूसरी बस में बैठे, लेकिन इस बस में सीट का तालमेल नहीं रहा। मै इसमें कंडक्टर से दूसरी थ्री सीटर पर बैठी थी, जिसको जहां जगह मिली बैठ लिया। बस चलते समय लगभग 44 साल की महिला सामान लिए आईं और बोली कि यह सीट मेरी है। उनकी सीट पर ये दोनों बहनें बैठी थीं। इन लड़कियों ने कहा कि मेरी सीट खाली करा दो तो सीट छोड़ दें। दोनों हाथ में सामान लिए वह महिला परेशान थी।
'दोनों लड़कियां उलझ गईं लड़कों से'
बकौल छात्रा, मैंने खुद उस महिला को आफर किया कि मेरी सीट में एडजस्ट हो जाओ तो उस आंटी ने कहा कि इतना सामने लेकर एडजस्ट नहीं हो सकूंगी। पीछे से लड़के ने कहा कि आंटी पीछे आ जाओ हम सीट देते हैं। इन लड़कियों में बड़े बुजुर्गों के प्रति सम्मान नहीं है। आंटी पीछे नहीं गई खड़ी रही। तब तक दोनों लड़कियां खड़ी हो गईं। बोली कि क्या बोला है तू।
लड़के ने कहा कि मैंने कुछ नहीं कहा। लड़की ने लड़के को चुनौती देते हुए कहा कि हिम्मत है तो मुझे हटा के दिखा। बात बढ़ते देख कंडक्टर ने आकर बहुत समझाया, लेकिन लड़कियां लगातार बोले जा रही थी। छोटी कद वाली लड़की ने कहा कि मेरे पापा फरीदाबाद के डिप्टी एसपी हैं। मैं तुझे देख लूंगी। तो लड़के ने भी प्रतिवाद करते हुए कहा कि ठीक है मेरा नाम नंबर ले ले। जो करना हो कर लेना। तब उस महिला ने बीच बचाव किया। कहा बेटे मेरे पीछे आ जा, तू दिखेगा तो यह बोलती रहेगी। लड़का पीछे आ गया। बावजूद लड़कियां बोलने से बाज नहीं आ रही थी।
तभी उन लड़कियों ने सोनीपत जा रही एक लड़की से कहा कि मेरा साथ दोगी न, तू वीडियो बना हम इन लड़कों की ऐसी तैसी करेंगे। छोटे कद वाली लड़की ने बैग से बेल्ट निकाला और दोनो लड़कियों ने लड़कों को बेल्ट व लात घूसों से मारना शुरू कर दिया। कई लोगों ने इन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन इन्होंने सबको बीच से हटा दिया। इसके बाद भी विवाद चलता रहा। लड़कियों ने पुलिस में दूसरे लड़के को भी बेवजह पकड़वा दिया।
वीडियो बनाने वाली 24 वर्षीय लड़की भी सोनीपत तक गई। मैंने उससे रिक्वेस्ट किया कि वीडियो मेरे मोबाइल में ट्रांसफर कर दे लेकिन नहीं किया। बताया कि आपके मोबाइल में इतना बड़ा वीडियो नहीं आएगी, लेकिन उस लड़की ने एक लड़के को वह फिल्म ट्रांसफर की।
बीच बचाव कर रहा युवक ने बताया सच!
मैं हरियाणा रोडवेज की बस में गांव पाकस्मा से सोनीपत एक शादी में शामिल होने जा रहा था। बस में चढ़ते ही मैं एक सीट पर एक महिला के साथ बैठ गया। अचानक लड़कियों ने लड़के पर हमला बोल दिया। मैनें काफी बीच-बचाव भी किया, लेकिन लड़कियां नहीं मानीं। विवाद के बाद लड़का बस से नीचे उतरा और जाने लगा तो लड़कियों ने पीछे से पत्थर भी मारे।
पाकस्मा मोड़ पर जब वह बस में बैठा तो माहौल शांत था। यहां एकदम मारपीट शुरू हुई। एक लड़की ने लड़के को बेल्ट मारनी शुरू की तो दूसरी ने लात घूसों से मारना शुरू कर दिया। शायद मुझे भी बीच-बचाव नहीं करना चाहिए था, क्योंकि मुझे भी लड़कियों ने विवाद के बीच कहा, अंकल आप बीच में न आओ। इसके बाद मैं तो थ्री व्हीलर में बैठकर सोनीपत चला गया।
हैरानी की बात थी कि बस में सवार एक बूढ़ी औरत ने मुझे कहा कि ये लड़कियां मानने वाली नहीं है। जान बचानी है तो तुम भाग जाओ। मैं किसी के दबाव में यह बात नहीं कह रहा। मीडिया में जब वीडियो फुटेज दिखाया गया तो मुझे परिवार के सदस्यों ने कहा कि इंसानियत है तो जाकर सच्चाई सामने रखो।
- विक्रम, चश्मदीद, गांव पाकसमा। (बस वाले वीडियो में बीच-बचाव कर रहा सफेद शर्ट वाला युवक)
क्या कहा बस के परिचालक ने
बस के परिचालक लाभ सिंह ने बताया कि वह बस में टिकट काटते हुए जब पूजा और आरती के पास पहुंचा तो दोनों ने कहा कि ये लड़के उनसे बदतमीजी कर रहे हैं। इस पर उन्होंने लड़कों से आराम से खड़े रहने को कहा और लड़कों का मुंह दूसरी तरफ करा दिया।
इसके बाद पूजा से कहा कि अगर फिर से कुछ कहें तो उसे बताएं। इसके बाद वे बस के पिछले हिस्से में टिकट काटने चला गया। इसके बाद उन्हें बेल्ट चलती नजर आई। यह देखकर चालक ने बस एक तरफ खड़ी कर दी। जब वह बस की पिछली खिड़की से उतरा तो लड़के और लड़कियां नीचे उतरी हुई थीं।
लड़के वहां से फरार हो गए। इसके बाद लड़कियां बस बैठ गईं और कंसाला चौकी पहुंचने से पहले ही पुलिस पहुंच गई। उन्होंने हमसे कहा कि तुम बस लेकर चले जाओ आगे कार्रवाई हम कर लेंगे।