हादसे मारे गए युवक के केस में मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) ने मृतक की पत्नी, नाबालिग बेटे और मां को 30.13 लाख का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। यह मुआवजा क्लेम दायर करने की तारीख से लेकर आदेश होने की तारीख तक 7.5 प्रतिशत की दर से ब्याज सहित चुकाने के आदेश दिए हैं।
मुआवजा बाइक चालक, मालिक और यूनाइटेड इंश्योरेंस कंपनी को देने के आदेश दिए हैं। हादसा 17 जून 2015 का है। मूलरूप से फतेहगढ़ साहिब और वर्तमान में मलोया निवासी हरप्रीत सिंह (34) खरड़ से लांडरा की ओर बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान लांडरा के पास विपरीत दिशा से बाइक सवार युवक तेज रफ्तार से आ रहा था।
उसने रैश ड्राइविंग करते हुए हरप्रीत की बाइक को टक्कर मार दी। इससे हरप्रीत बाइक से गिर गया और उसके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आई। इसके बाद बाइक सवार मौके से फरार हो गया।
वहीं हादसे के बाद हरप्रीत सिंह को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आरोपी बाइक सवार गुरचरण सिंह निवासी पटियाला के खिलाफ सोहाना पुलिस थाने में आपराधिक केस दर्ज किया गया था।
याचिकाकर्ता पक्ष ने कहा था कि हरप्रीत सिंह घर में अकेला कमाने वाला था। उसकी वर्कशॉप की कमाई से ही उसका घर चलता था। साथ ही उस पर उसकी मां की जिम्मेदारी भी थी। मौत के बाद उसकी मां और पत्नी आर्थिक रूप से लाचार हो गए हैं। साथ ही उनके 4 साल के बेटे के लालन पोषण और पूरी पढ़ाई का संकट आ गया है।
कोर्ट ने बाइक चालक गुरचरण सिंह, बाइक मालिक गुरदीप सिंह और यूनाइटेड इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिए हैं कि मृतक परिवार को 30.13 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। साथ ही इस पर ब्याज भी देने को कहा है।
वहीं कोर्ट ने आदेश में कुल मुआवजा राशि में से मृतक के बेटे जसकीरत सिंह के नाम पर नेशनल बैंक में कुल राशि एफडी कराने को कहा है। यह एफडी उसके बालिग होने के बाद उसे दी जाएगी।