सूत्रों ने बताया कि आसपास वीवीआईपी इलाका होने की वजह से फैसले को बदला गया। तय हुआ कि बम को पश्चिमी कमान में ले जाया जाएगा और वहीं पर आगे की जांच होगी और बम को डिफ्यूज किया जाएगा।
75 मिमी एंटी टैंक गन का है बम शेल, 1960 में होता था इस्तेमाल
बम शेल की जांच के लिए सेना के ऑर्डिनेंस यूनिट के भी कई अधिकारी पहुंचे थे। मौके पर मौजूद सेना के अधिकारियों ने बताया कि यह बम शेल 75 मिमी एंटी टैंक गन का है और 1960 के दशक में इसका इस्तेमाल होता था। डायरेक्टर सिविल मिलिट्री अफेयर्स कर्नल जसदीप संधू ने बताया कि पश्चिमी कमान ले जाकर बम शेल की विस्तृत जांच होगी। क्या यह किसी की शरारत है या कोई साजिश, इसका खुलासा भी जांच के बाद ही हो पाएगा। हालांकि सेना एक अन्य अधिकारी ने बताया कि अगर यह बम शेल फटता तब भी 100 मीटर से ज्यादा दूरी तक नुकसान नहीं करता। यह बम शेल यहां कैसे आया इसकी पुलिस के साथ सेना भी जांच करेगी।
एक किमी के दायरे में हैं सभी बड़े भवन, 100 मीटर दूर चौकी
घटनास्थल से एक किमी के दायरे में चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के सभी बड़े भवन बने हैं। 100 मीटर दूरी पर नयागांव की पुलिस चौकी है। इस परिक्षेत्र में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के हेलीपैड, आवास, सचिवालय और हाईकोर्ट बना हुआ है। पंजाब में लगातार मिल रही आतंकी धमकियों को देखते हुए चंडीगढ़ के साथ पंजाब की पुलिस भी अलर्ट थी। पुलिस का दावा है कि किसी कबाड़ी ने यह सेल यहां फेंका होगा लेकिन सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से यह बड़ी चूक है।
दहशत में गुजरी लोगों की रात, दिन में जुटी भीड़, बुलानी पड़ी अतिरिक्त पुलिस
बम शेल पूरी रात राजेंद्रा पार्क में ही रहा। इस वजह से आसपास के लोग दहशत में थे। हालांकि चंडीगढ़ पुलिस ने इलाके को सील कर दिया था और निगरानी के लिए पूरी रात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगा रखी थी। इलाका निवासी दीपक कुमार ने बताया कि हम सब पूरी रात सहमे रहे। डर था कि कहीं बम फट न जाए। नयागांव पुलिस भी पूरी रात सड़कों पर रही। नाके लगाकर इलाके में जांच की गई। मंगलवार को बम को घटनास्थल पर ही डिफ्यूज करने की सूचना से एक बार फिर लोग दहशत में आ गए। बाद में सेना जब बम शेल को साथ ले गई तब उनकी जान में जान आई।
सेना जब बम डिफ्यूज करने की कोशिश कर रही थी तो इस प्रक्रिया को देखने के लिए आसपास के लोग जमा हो गए। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस को अतिरिक्त पुलिस बुलानी पड़ी। नयागांव से कांसल को जाने वाली सड़क को पूरी तरह से बंद कर दिया गया। यह रास्ता करीब दो घंटे तक बंद रहा। इस दौरान यातायात को नयागांव से खुड्डा अलीशेर की तरफ मोड़ दिया गया था। वहीं खुड्डा अलीशेर से आने वाले ट्रैफिक को नयागांव से सीधे चंडीगढ़ की तरफ निकाला गया।
चंडीगढ़ पुलिस की कहानी सवालों के घेरे में
चंडीगढ़ पुलिस अब तक यही कह रही है कि बम शेल को किसी कबाड़ी ने यहां फेंका होगा लेकिन पुलिस के पास इसकी कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। सवाल यह भी है कि अगर कबाड़ी ने बम शेल फेंका तो उसके पास यह कहां से आया। बम शेल सेना का बताया जा रहा है। दो प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के आवास नजदीक होने के बावजूद यहां किसी भी प्रदेश की पुलिस सुरक्षा के कोई इंतजाम क्यों नहीं हैं? इस बारे में मोहाली के एसएसपी संदीप गर्ग ने बताया कि नयागांव का इलाका मोहाली जिले का हिस्सा होने के कारण यहां पर उनकी तरफ से पुख्ता इंतजाम हैं। नियमित तौर पर इलाके के पीजी और होटलों की जांच की जा रही है। वहीं इलाके में गश्त भी की जा रही है। चंडीगढ़ पुलिस द्वारा कबाड़ियों की जो बात की जा रही है, उस संबंधी भी इलाके में जांच चल रही है।