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जालंधर थाने में बम से हमला, 24 घंटे बाद भी पुलिस खाली हाथ, आतंकी हमला हो सकता है

Sun, 16 Sep 2018 09:59 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
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पुलिस स्टेशन पर बम से हमला
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जालंधर के मकसूदां थाने में चार विस्फोट की वारदात को 24 घंटे बीतने के बाद भी पुलिस अधिकारियों के हाथ खाली हैं। पुलिस की कई टीमों का गठन किया गया है। टीमों ने मकसूदां एरिया के तमाम सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है, लेकिन फिलहाल ऐसा सुराग नहीं मिला, जो इस केस में संदिग्ध लोगों को पकड़ने में मददगार हो। वहीं दूसरी तरफ एसएसपी देहाती नवजोत सिंह माहल का कहना है कि यह हमला योजनाबद्ध ढंग से किया गया है।
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पुलिस अधिकारियों की अलग अलग टीमों का गठन किया गया है, जो कई बिंदुओं से जांच कर रही हैं। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि यह मामला आतंकवादी हमले का हिस्सा हो सकता है। हमलावर की क्या मंशा थी, यह भी अभी साफ नहीं हो पाया है, क्योंकि जिस बम का इस्तेमाल किया गया, उसकी तीव्रता काफी कम थी। अगर तीव्रता अधिक होती तो जान माल का नुकसान हो सकता था। कमिश्नर व आईजी शनिवार को वारदात स्थल पर बैठे रहे। बहरहाल पुलिस हमले को बड़ी चुनौती मान कर जांच कर ही है।

अलग-अलग दिशाओं से फेंके गए बम
वहीं आईजी जोनल नौनिहाल सिंह ने एसएसपी देहाती नवजोत सिंह माहल के साथ शनिवार को सुबह मकसूदां थाने का दौरा कर बारीकी से जायजा लिया। आईजी नौनिहाल सिंह ने थाने में हमले के बारे में पूरी जानकारी हासिल की। उन्होंने पूछा कि वारदात के दौरान मुंशी कहां था? एसएचओ रमन किस कमरे में थे और क्या कर रहे थे। वहीं पुलिस ऑफ कमिश्नर प्रवीण कुमार सिन्हा भी घटनास्थल पर दोबारा पहुंचे और लोगों से जानकारी हासिल की। आसपास के दुकानदारों के अलावा रेहड़ी व खोखे वालों को भी पुलिस ने पूछा, लेकिन एक भी ऐसा शख्स नहीं मिला, जो यह कह सके कि उसने मकसूदां थाने में बम फेंकने वाले को देेखा था।
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चार बम फेंकने में हमलावर को वक्त लगा, एक बम उसने एसएचओ रमन कुमार के कमरे के बाहर बनी चाहदीवारी की तरफ से फेंका, जबकि दूसरा बम मुख्य मार्ग की तरफ से और तीसरा और चौथा बम अलग दिशा से फेंका। ऐसी आशंका भी हो रही है कि हमलावरों की संख्या दो भी हो सकती है। कमिश्नर सिन्हा का कहना है कि मामला संवेदनशील है और हमारी टीम वर्क कर रही हैं अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।

कई संदिग्ध नंबरों की जांच
वहीं कमिश्नरेट पुलिस की आईटी टीम भी सक्रिय हो गई है और इलाके में मोबाइल टावर की कॉल लिस्ट को निकालकर खंगाला जाने लगा है। टीमें कई संदिग्ध नंबरों की जांच कर रही हैं। कमिश्नर प्रवीण कुमार सिन्हा का कहना है कि वारदात को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया है और हमलावर कोई सुराग छोड़कर नहीं गया है। हमारी जांच चल रही है।
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