आईपीएस की वर्दी पहनकर लोगों को ठगने और गजिटेड अधिकारियों की मेस में जाकर चंडीगढ़ पुलिस के अफसरों से मुलाकात करने व रौब जमाने वाले युवक को क्राइम ब्रांच की टीम ने पुलिस लाइन के पास नाका लगाकर दबोच लिया।
टाटा सफारी से उतरकर युवक ने खुद को 2009 का आईपीएस बताकर पुलिस जवानों पर रौब दिखाने लगा। उसने कहा कि वह दिल्ली से चंडीगढ़ में ट्रेनिंग करने आया है।
पुलिस ने जब आईकार्ड चेक किया तो उसके पास नहीं मिला। पुलिस ने तुरंत उसे दबोच लिया और उसकी पहचान दिल्ली स्थित नजबगढ़ के रविकांत के रूप में हुई। क्राइम ब्रांच ने युवक की वर्दी और गाड़ी को जब्त कर लिया।
सूत्रों की माने तो युवक के पास बरामद टाटा सफारी गाड़ी भी चंडीगढ़ पुलिस के कर्मचारी के नाम है। सेक्टर 26 थाना पुलिस ने रविकांत पर मामला दर्जकर उसे रविवार जिला अदालत में पेश करेगी।
एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि डीएसपी सिक्योरिटी दीपक सहारन से चार दिन पहले खुद को 2009 बैच का आईपीएस बताने वाले रविकांत की मुलाकात हुई थी।
दीपक सहारन को आईपीएस रविकांत पर शक हुआ और उन्होंने जानकारी डीएसपी क्राइम सतबीर सिंह को दी। शनिवार को रविकांत ने डीएसपी दीपक सहारन से मुलाकात करने को कहने लगा। डीएसपी ने उसे पुलिस लाइन बुलाया।
पुलिस लाइन आने की सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच की टीम ने पुलिस लाइन के पीछे नाका लगाया और टाटा सफारी गाड़ी नं. सीएच 08टी-8291 को रोका। गाड़ी के अंदर आईपीएस की वर्दी में रविकांत बैठा हुआ था।
पुलिस टीम ने रविकांत से आईकार्ड मांगा। पहले तो वह बहाने बनाने लगा, लेकिन बाद में पता चला कि वह आईपीएस नहीं है। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पकड़ा गया युवक बारहवीं पास है।
पूछताछ में पता चला कि रविकांत मनसा देवी कांप्लेक्स में किराये पर रहता है। पुलिस टीम ने उसके घर पर छापा मारकर वर्दी और बैज बरामद किए है।
सीडीएस में ट्रेनिंग करने की जानकारी देता था युवक
फर्जी आईपीएस रविकांत दो महीने से चंडीगढ़ में रह रहा था। वह सेक्टर-26 पुलिस लाइन में जीओ मेस में आकर डीएसपी से मिलता था। वह उन्हें बताता था कि वह दिल्ली से ट्रेनिंग करने सेक्टर 36 सीडीएस में आया है।
रविकांत ने चंडीगढ़ आते ही सबसे पहले टाटा सफारी गाड़ी ली जिसपर चंडीगढ़ का नंबर है। सूत्राें से पता चला कि गाड़ी चंडीगढ़ पुलिस के एक कर्मचारी के नाम पर है।
लोगों के काम करवाने के नाम पर करता था ठगी
पकड़ा गया फर्जी आईपीएस रविकांत लोगों के काम करवाने के नाम पर ठगी करता था। यह खुलासा पुलिस पूछताछ में हुआ। पूछताछ में पता चला कि नौकरी दिलवाने और पुलिस विभाग में फंसे लोगों से काफी रुपये भी ऐंठ चुका है।
पहले भी पकड़ा जा चुका है नकली आईपीएस
चंडीगढ़ पुलिस रविकांत से पहले भी नकली आईपीएस को पकड़ चुकी है। कुछ साल पहले एक युवक फर्जी आईपीएस बनकर चंडीगढ़ पुलिस में आया।
पुलिस विभाग ने उसे गाड़ी और सिक्योरिटी गार्ड भी दे दिए थे, लेकिन बाद में उसे गिरफ्तार किया था। यहीं नहीं 2013 में सेक्टर 36 थाना पुलिस ने सीबीआई का एसपी बताने वाले कुरुक्षेत्र केयुवक को पकड़ा था।