पिछले दिनों हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने ऑनलाइन कोविड-19 परीक्षा करवाई थी। जो कि मल्टीपल च्वाइस बेस प्रश्नों पर आधारित थी। जिसमें हजारों बच्चों ने भाग लिया। अब नया बदलाव उसी को आधार मानकर किया जा रहा है। जिसके तहत सेकेंडरी, सीनियर सेकेंडरी के साथ-साथ नौंवी और 11वीं की कक्षाओं में भी बहुविकल्पीय प्रश्नों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। हालांकि अभी मार्च दूर है और परीक्षाएं मार्च में होनी है। मगर 30 फीसदी सिलेबस कम करने के बाद तय 70 फीसदी सिलेबस के तहत इस नए सिस्टम पर विचार किया जा रहा है।
10वीं और 12वीं में अंग्रेजी में रिडिंग स्किल्स का भाग ए जो कि 40 अंकों का होता है, उसे बहु विकल्पीय प्रश्नों पर आधारित बनाया जा रहा है। इसी तरह हिंदी में भी भाग अ बहु विकल्पीय प्रश्नों पर आधारित हो सकता है। इन्हीं की तर्ज पर अन्य विषयों में भी बच्चों को बहु विकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से राहत देने की योजना है।
प्रतियोगी परीक्षाओं को भी बनाया जा रहा आधार
लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाएं बहु विकल्पीय प्रश्नों के आधार पर होती है। ऐसे में बोर्ड प्रशासन की योजना है कि बच्चों को इसके लिए पहले से ही तैयार किया जाए। साथ ही भविष्य में कोविड-19 जैसी महामारी की स्थिति में ऑनलाइन परीक्षाएं ली जा सके। इसके लिए बोर्ड पहले से ही तैयारियों में जुट गया है।
अभी और कम किया जा सकता है सिलेबस
शिक्षा विभाग के शैक्षणिक कैलेंडर में पढ़ाई के 220 दिन तय होते हैं मगर पिछले पांच माह कोविड-19 के चलते खराब हो चुके हैं। फिलहाल सरकार ने भी 30 सितंबर तक स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है। अगर यह समय सीमा बढ़ाई जाती है तो सिलेबस को और कम किया जाएगा।
सिलेबस को फिलहाल 30 फीसदी तक कम किया गया है। भविष्य में कोविड-19 के चलते स्कूल खुलने में और समय लगता है तो सिलेबस को और कम किया जाएगा। इस बार ऑब्जेक्टिव प्रश्नों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। अधिकतर प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बहु विकल्पीय प्रश्न ही आते हैं। ऐसे में यह बेहतर रहेगा। - डॉ. राजीव प्रसाद, सचिव हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड