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हरियाणा: 30 फीसदी सिलेबस कम, 40 अंकों तक रहेंगे बहु विकल्पीय प्रश्न, मिलेंगे अच्छे अंक

Mon, 07 Sep 2020 05:47 PM IST
ajay kumar शिव कुमार, अमर उजाला, भिवानी (हरियाणा)
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सांकेतिक तस्वीर।
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कोविड-19 के चलते इस बार स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। हालांकि अब ऑनलाइन कक्षाएं लग रहीं हैं। मगर सभी विद्यार्थियों के पास सुविधाएं न होने के कारण काफी विद्यार्थी शिक्षा से दूर हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग और हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने 30 फीसदी तक नौंवी से 12वीं तक का सिलेबस भी कम किया है। 

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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड विद्यार्थियों को इस महामारी काल में और आसान परीक्षा के मूड में है, ताकि बच्चों और शिक्षकों पर सिलेबस पूरा कराने का दबाव न पड़े। इस नए फार्मूले के तहत प्रश्न पत्रों को भी आसान रूप दिया जा सकता है। जिसमें बहु विकल्पीय प्रश्नों (मल्टीपल च्वाइस क्वेसचन) की संख्या बढ़ाई गई है। 

अब नए पैटर्न के अनुसार 40 फीसदी तक अंक बहु विकल्पीय प्रश्नों के आधार होंगे यानी एक-एक अंक वाले प्रश्न रहेंगे। 30 फीसदी सिलेबस कम किए जाने के साथ उनके नीचे सैंपल पेपर भी दिए गए हैं। जिनमें बहु विकल्पीय प्रश्नों की संख्या पहले की तुलना में लगभग दोगुनी है। हालांकि बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि इसमें अभी बदलाव संभव है।

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पिछले दिनों हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने ऑनलाइन कोविड-19 परीक्षा करवाई थी। जो कि मल्टीपल च्वाइस बेस प्रश्नों पर आधारित थी। जिसमें हजारों बच्चों ने भाग लिया। अब नया बदलाव उसी को आधार मानकर किया जा रहा है। जिसके तहत सेकेंडरी, सीनियर सेकेंडरी के साथ-साथ नौंवी और 11वीं की कक्षाओं में भी बहुविकल्पीय प्रश्नों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। हालांकि अभी मार्च दूर है और परीक्षाएं मार्च में होनी है। मगर 30 फीसदी सिलेबस कम करने के बाद तय 70 फीसदी सिलेबस के तहत इस नए सिस्टम पर विचार किया जा रहा है।

10वीं और 12वीं में अंग्रेजी में रिडिंग स्किल्स का भाग ए जो कि 40 अंकों का होता है, उसे बहु विकल्पीय प्रश्नों पर आधारित बनाया जा रहा है। इसी तरह हिंदी में भी भाग अ बहु विकल्पीय प्रश्नों पर आधारित हो सकता है। इन्हीं की तर्ज पर अन्य विषयों में भी बच्चों को बहु विकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से राहत देने की योजना है।

प्रतियोगी परीक्षाओं को भी बनाया जा रहा आधार
लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाएं बहु विकल्पीय प्रश्नों के आधार पर होती है। ऐसे में बोर्ड प्रशासन की योजना है कि बच्चों को इसके लिए पहले से ही तैयार किया जाए। साथ ही भविष्य में कोविड-19 जैसी महामारी की स्थिति में ऑनलाइन परीक्षाएं ली जा सके। इसके लिए बोर्ड पहले से ही तैयारियों में जुट गया है।

अभी और कम किया जा सकता है सिलेबस
शिक्षा विभाग के शैक्षणिक कैलेंडर में पढ़ाई के 220 दिन तय होते हैं मगर पिछले पांच माह कोविड-19 के चलते खराब हो चुके हैं। फिलहाल सरकार ने भी 30 सितंबर तक स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है। अगर यह समय सीमा बढ़ाई जाती है तो सिलेबस को और कम किया जाएगा।
सिलेबस को फिलहाल 30 फीसदी तक कम किया गया है। भविष्य में कोविड-19 के चलते स्कूल खुलने में और समय लगता है तो सिलेबस को और कम किया जाएगा। इस बार ऑब्जेक्टिव प्रश्नों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। अधिकतर प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बहु विकल्पीय प्रश्न ही आते हैं। ऐसे में यह बेहतर रहेगा। - डॉ. राजीव प्रसाद, सचिव हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड
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