- 1338 स्कूलों को इस साल नहीं मिली एक्सटेंशन, बढ़ी परेशानी
- प्राइवेट स्कूल संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी
चंडीगढ़। प्रदेश में 1338 निजी स्कूलों को एक्सटेंशन नहीं मिलने के कारण 10वीं, 12वीं के 60 हजार छात्रों का भविष्य संकट में है। इन विद्यार्थियों का बोर्ड परीक्षा के लिए फार्म भी नहीं भरा गया है। ऐसे में बिना फार्म भरे ये विद्यार्थी अब परीक्षा नहीं दे सकेंगे। उधर, विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ने लगी है। इसको लेकर निजी स्कूल संचालक लामबंद हो गए हैं। प्राइवेट स्कूल संघ ने मांग की है कि अस्थाई व परमिशन प्राप्त स्कूलों को इस साल एक्सटेंशन दी जाए, नहीं तो वे आंदोलन करेेंगे।
प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने कहा कि सरकारी व स्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों के फार्म भरे जा चुके हैं, लेकिन अस्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों के बच्चों के फार्म नहीं भरे जा रहे हैं। इन अस्थाई व परमिशन प्राप्त स्कूलों में नर्सरी से 12वीं तक पांच लाख बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसको लेकर अभिभावक व स्कूल संचालक परेशानी में है।
फार्म भरने की अनुमति न मिलने पर आंदोलन करेंगे
उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में 10वीं, 12वीं की कक्षाओं में दाखिला लेने वाले बच्चों की भिवानी बोर्ड से परमिशन भी प्राप्त कर ली है। संघ ने प्रदेश के 3200 अस्थाई स्कूलों में से सरकार के घोषणापत्र के वादे के अनुसार एकमुश्त स्थाई मान्यता की बाट देख रहे 1338 स्कूलों को एक्सटेंशन देने की मांग की है। कहा कि पिछले लंबे समय से बहुत से मिडल स्तर तक के स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से दिए गए अधिकार अनुसार एमआईएस पोर्टल पर काम कर रहे हैं और यूडाइज भी भर रहे हैं। ऐसे स्कूलों को भी एग्जिस्टिंग मानते हुए पुराने नियम के अनुसार मान्यता दी जाए। कुंडू ने कहा कि जल्द ही विद्यार्थियों को फार्म भरने की अनुमति नहीं दी गई तो वह आंदोलन करेंगे।