हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की 4858 क्लर्क भर्ती के संशोधित परिणाम के चलते प्रभावित क्लर्कों को झटका देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सेवा समाप्ति के आदेश के खिलाफ दाखिल उनकी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। इस मामले में अंतरिम तौर पर हाईकोर्ट ने उनकी सेवा समाप्ति के आदेश पर रोक लगा दी थी। हालांकि इन याचिकाओं पर विस्तृत आदेश आना अभी बाकी है।
राजपाल व अन्य ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया था कि वे विभिन्न विभागों में काम कर रहे हैं और नियुक्ति के डेढ़ साल बाद नौकरी से निकाला जा रहा है। गत वर्ष अप्रैल में अदालती आदेश पर 4858 क्लर्क भर्ती का संशोधित परिणाम जारी किया था, जिसमें याचिकाकर्ता मेरिट से बाहर हो गए और उन्हें हटाने का फैसला ले लिया गया।
याचिका में दलील दी गई कि उन्हें हटाने के लिए तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा। कारण बताओ नोटिस देकर उनका पक्ष भी नहीं सुना जा रहा। याची ने कहा कि उनको पक्ष रखने का अधिकार है लेकिन मनमाने तरीके से उन्हें सेवा मुक्त करने का आदेश जारी कर दिया। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने हटाने के सरकार के आदेश पर अंतरिम रोक लगा कर नियमों के तहत प्रभावित कर्मचारी का पक्ष सुन कर आदेश पारित करने का आदेश दिया था।
हाईकोर्ट ने 25 अप्रैल 2022 को कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए 4858 क्लर्क की भर्ती का परिणाम खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने परिणाम में संशोधन कर नए सिरे से मेरिट तैयार करने का आदेश दिया था। संशोधित रिजल्ट जारी करने के बाद सरकार ने 1178 क्लर्कों की सेवा समाप्त करने का आदेश जारी किया था। सरकार के इस आदेश को इन क्लर्कों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने 1178 क्लर्कों की याचिका पर सुनवाई करते हुए अधिकतर को खारिज कर दिया है। इस फैसले से अधिकतर क्लर्कों को हटाने का रास्ता साफ हो गया है लेकिन अभी हाईकोर्ट का विस्तृत आदेश आना बाकी है।