चंडीगढ़ से सोनीपत जा रहे 7 दोस्तों में से एक ही दिन एक साथ 5 दोस्तों की दर्दनाक मौत ने हिमाचल के साथ साथ हरियाणा के लोगों को झकझोर दिया, जिसे भी इस दर्दनाक हादसे की जानकारी मिली सन रह गया।
कर्णनगरी सहित सोनीपत मानों मातम के माहौल में डूब गया। मौत के इसी तांडव के बीच एक ऐसा फरिश्ता भी था, जिसने अपनी नौकरी को दाव पर लगाकर मौत से लड़ते हुए दो जिंदगियों को बचा लिया।
इनमें सोनीपत का रहने वाला तरुण व हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश) की रहने वाली रूबी शामिल हैं। जब घटनास्थल पर मौजूद सभी लोगों की संवेदनाएं दम तोड़ चुकी थी, इन दोनों को उस समय इसी युवक ने बचाया। इसका नाम है विक्रांत। हादसे में मारे गए अमन के परिजन सनत जैन ने विलाप करते हुए कहा कि विक्रांत न होता तो शायद हादसे में एक साथ मौके पर ही सातों दोस्तों की जान चली जाती।
सनत ने नम आंखों के बावजूद इस शख्स का तहे दिल से शुक्रिया भी किया। दरअसल विक्रांत सोमा कंपनी के प्रोजेक्ट पर बतौर सिक्योरेटी गार्ड कार्यरत है। हादसे के समय विक्रांत मौके पर ही मौजूद था, जैसे ही हादसा हुआ विक्रांत ने गाड़ी में से लोगों को निकालने का प्रयास शुरू कर दिया।