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Chandigarh News: जीएमसीएच 32 में खून की किल्लत, होल ब्लड ग्रुप का स्टॉक खत्म

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चंडीगढ़। जीएमसीएच-32 के ब्लड बैंक में रक्त का स्टॉक खत्म हो चुका है। सिर्फ दो यूनिट होल ब्लड बचा है। अस्पताल प्रशासन परेशान है। रक्त की कमी को दूर करने के लिए संस्थाओं के सहयोग से शिविर आयोजित किए जा रहे हैं लेकिन गर्मी के कारण युवा रक्तदान के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। स्थिति यह है कि अस्पताल में रक्त न मिलने से सबसे ज्यादा मरीज और उनके परिजन परेशान हो रहे हैं। एक-एक यूनिट रक्त के लिए परिजनों को यहां-वहां चक्कर काटना पड़ रहा है। जिन मरीजों का चंडीगढ़ में कोई रिश्तेदार या जानने वाला नहीं है उन्हें रक्त न मिलने से इलाज तक में बाधित हो रहा है। बता दें कि अस्पताल की इमरजेंसी समेत वार्ड में लगभग 500 से ज्यादा मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। इनमें से प्रतिदिन 15 से 20 मरीज की कोई न कोई सर्जरी की जाती है। ऐसे में खून की कमी के कारण उनके इलाज पर भी खतरा मंडराने लगा है। कॉलेज में परीक्षा चलने के कारण युवा रक्तदान करने से कतरा रहे हैं।
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अब आईटी कंपनी का ही सहारा
श्री शिव कावंड़ महासंघ चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष राकेश कुमार संगर ने बताया कि चंडीगढ़ के साथ ही ट्राइसिटी के ब्लड बैंकों में रक्त की कमी है। प्रतिदिन अलग-अलग ब्लड बैंकों से रक्तदान के लिए डिमांड आ रही है लेकिन रक्तदाता नहीं मिल रहे। इसके कारण कई प्रस्तावित शिविर रद्द करने पड़े हैं। कॉलेज में शिविर आयोजित न होने से अचानक रक्तदान का ग्राफ नीचे आ गया है। ऐसे में आईटी कंपनियों को कमान संभालनी चाहिए। क्याेंकि उनके यहां काफी संख्या में युवा कर्मचारी तैनात हैं। इसके साथ ही उनके पास अपना एसी ऑफिस है, जिससे वे रक्तदाताओं को गर्मी से बचाते हुए शिविर लगवाकर योगदान दे सकते हैं।

इनसेट-
रक्तदान के फायदे

- रक्तदान से हार्ट अटैक का खतरा कम हो जाता है।

- रक्तदान के बाद बोनमैरो नए रेड सेल्स बनाता है। इससे शरीर को नए ब्लड सेल्स मिलने के अलावा तंदुरुस्ती भी मिलती है।
- रक्तदान में जितना खून लिया जाता है, वह 21 दिन में शरीर फिर से बना लेता है। ब्लड का वॉल्यूम तो शरीर 24 से 72 घंटे में ही पूरा बन जाता है।
- रक्तदान से स्ट्रोक व हार्ट अटैक से भी बचाव होता है।

- रक्तदान करने से शरीर में आयरन की मात्रा सही बनी रहती है।
-लीवर डैमेज व कैंसर का जोखिम भी कम होता है।
- ब्लड डोनेशन से वजन घटाने में भी मदद मिलती है।
- ब्लड डोनेशन से मानसिक संतुष्टि भी मिलती है।
- रक्तदान से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी होती है।

इनसेट-
जीएमसीएच-32 में खून की उपलब्धता- 22 मई को
A+ और A- B+ और B- AB+ और AB- O+और O-
1 0 1 0 0 0 0 0

कोट-
गर्मी के दौरान रक्तदाताओं की संख्या कम होने से खून की कमी जैसी स्थिति होती है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन संस्थाओं से संपर्क कर रक्तदान शिविर आयोजित करने का प्रयास करता है। इस स्थिति से बचाव के लिए युवाओं से अपील की जा रही है कि वे गर्मी की परवाह किए बिना दूसरों की जान बचाने के लिए आगे आकर रक्तदान करें।
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-डॉ. सुधीर गर्ग, चिकित्सा अधीक्षक जीएमसीएच-32
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