खरड़-लुधियाना हाईवे पर टोल बैरियर के बोर्ड में पंजाबी में न लिखे होने पर कुछ युवाओं ने कालिख पोत दी। उन्होंने कहा कि राज्य में सार्वजनिक स्थानों पर लगे बोर्ड पर पंजाबी में न लिखा होना गलत है। रविवार को पंथक विचार मंच के प्रधान बलजीत सिंह खालसा की अगुवाई में कुछ लोगों ने टोल प्लाजा पर पहुंचकर विरोध करना शुरू कर दिया।
टोल प्लाजा के सिक्योरिटी गार्ड बहादर सिंह ने विरोध कर रहे लोगों की कंपनी के अधिकारियों से बात भी करवाई, इसके बावजूद विरोध करने वाले नहीं रुके। उनका कहना था कि करीब 10 दिन पहले उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार को इन बोर्डों पर पंजाबी में भी सब कुछ लिखने की मांग की थी, इसके बावजूद ऐसा नहीं हुआ।
आज से चंडीगढ़ में अंग्रेजी में लिखे सार्वजनिक बोर्डों पर पोतेंगे काली स्याही
बोर्डों पर कालिख पोत कर विरोध जताने वालों ने कहा कि टोल कंपनी के साथ उनका कोई विवाद नहीं है। उनका विरोध पंजाबी का इस्तेमाल न किए जाने पर है। खालसा ने कहा कि उन्होंने पहले भी चंडीगढ़ में पंजाबी भाषा लागू करने के लिए मुहिम छेड़ी थी। इसके चलते चंडीगढ़ में अंग्रेजी में लिखे बोर्डों पर काली स्याही पोती गई थी। अब वे लोग सोमवार से एक बार फिर चंडीगढ़ में अंग्रेजी में लिखे सार्वजनिक बोर्डों पर काली स्याही पोतेंगे। इस संबंध में डीएसपी खरड़ सिमरनजीत सिंह ने बताया कि एसएचओ खरड़ को इस मामले में कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।