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अब क्या होगा शिअद-भाजपा गठबंधन का?

Mon, 20 Oct 2014 09:50 AM IST
अनिल भारद्वाज/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत ने पंजाब में अकाली-भाजपा रिश्तों को फिर से सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है। यूं तो पिछले कई दिन से दोनों के अलग होने की चर्चा चल ही रही है लेकिन शनिवार को पड़ोसी राज्य में मिले बहुमत ने प्रदेश भाजपा नेताओं के हौसले और बुलंद कर दिए हैं।
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अब देखने वाली बात यह होगी कि आने वाले दिनों में ये रिश्ते कौन सा रूप अख्तियार करते हैं। प्रदेश में रेत बजरी की कमी, प्रॉपर्टी टैक्स, वैट के मुद्दों से दोनों दलों के बीच शुरू हुई तल्खी, हरियाणा चुनाव के दौरान नवजोत सिंह सिद्धू की शिअद विरोधी बयानबाजी से चरम पर पहुंच गई थी।

चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया था कि सिद्धू ने यह बयानबाजी आलाकमान के इशारे पर ही की है और वह भी शिअद के प्रभाव वाले सिख बाहुल्य इलाकों में।

हरियाणा चुनाव में आमने-सामने थे शिअद-भाजपा

इस बीच गत 15 अक्तूबर को मतदान हुआ और अगले ही दिन केंद्रीय मंत्री व उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल की पत्नी हरसिमरत कौर बादल ने अरुण जेटली से मुलाकात कर मौजूदा हालात पर विस्तृत चर्चा की। फिर जेटली ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से फोन पर चर्चा की।

उसके बाद मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को फोन पर इस बात से अवगत करवाया कि अकाली-भाजपा गठबंधन अटूट रहेगा। इसके बावजूद भाजपा के वरिष्ठ नेताओं शांता कुमार, नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू आदि की शिअद की कार्यशैली पर कटाक्ष करती बयानबाजी लगातार जारी है।

ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि हरियाणा चुनाव समाप्त होने के बाद गठबंधन में सब-कुछ ठीक-ठाक हो गया है। बता दें कि हरियाणा में भाजपा और शिअद आमने-सामने थे। शिअद-इनेलो के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही थी, जबकि भाजपा अकेले अपने दम पर। अब नतीजों ने अलगाव की आशंकाओं को और हवा दे दी है।

यह तथ्य भी दे रहे बदलाव के संकेत

-शिअद-भाजपा ने पंजाब में अपने-अपने स्तर पर भविष्य के लिए खाका तैयार करना शुरू किया
-शिअद ने विकास के खाके, आर्थिक खर्च में कटौती, नए स्त्रोतों के सृजन की योजना को अमलीजामा पहनाने की शुरुआत
-शिअद ने कई जिलों में हिंदू चेहरों को किया आगे
-अपने स्तर पर बहुमत जुटाने की कोशिश में शिअद का कांग्रेसी विधायकों पर ध्यान केंद्रित
-भाजपा का आगामी नगर निकाय चुनाव के लिए प्रदेश के हर वार्ड में अपने नेताओं को जिम्मेदारी सौंपना

सिद्धू को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
पार्टी की प्रदेश इकाई के संगठन में परिवर्तन की संभावनाएं भी जोर पकड़ चुकी हैं। पूरी संभावना है कि पूर्व सांसद और फायर ब्रांड नेता नवजोत सिंह सिद्धू को जल्द पंजाब भाजपा की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
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नी हुण तैनूं टक्करांगे...

बदलाव संबंधी चर्चाएं सियासी गलियारों में ही नहीं, विभिन्न संचार माध्यमों के जरिए आम लोगों के बीच भी पहुंच रही हैं। हरियाणा के नतीजों के बाद व्हाट्सएप पर पंजाबी गीतों के माध्यम से पार्टियों-नेताओं पर कुछ इस तरह व्यंग्य कसे गए।

1. ‘शिअद टू भाजपा : एन्नां करके प्यार मरजाणिएं, नी देखीं किते भुल्ल जाईं नां।’
2. ‘भाजपा टू शिअद : नी हुण तैनूं टक्करांगे, सज्जरे शरीक तेरे बणके।’
3.  बादल टू मोदी : मोदी जी, सानूं न विसरो, पीएम जी सानूं न विसरो
4.  मोदी टू बादल : रात्तां नूं उट्ठ उट्ठ रोवेंगा, दिला प्यार न पावीं
5.  शिअद टू इनेलो : की खट्टया मैं तेरी हीर बन के
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