उन्होंने पंजाब सरकार को चेतावनी दी कि वह तुरंत चुनाव के लिए नोटिफिकेशन जारी करे। इस मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि 1984 का सिख नरसंहार कांग्रेस की सोची समझी साजिश था, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस के नेताओं को 1984 के सिख नरसंहार पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस नरसंहार के बाकी सभी आरोपी भी जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे। उन्होंने कहा कि 39 साल बाद केंद्र की नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने सिखों को न्याय दिलवाया है। पंजाब भाजपा सह प्रभारी डॉ. नरेंद्र सिंह रैना ने इस अवसर पर कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद देश बहुत तेजी से विकास कर रहा है।
संगठन महामंत्री श्रीमंथरी श्रीनिवासुलू ने कार्यकारिणी को संबोधित करते हुए उपस्थित पदाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में बूथ स्तर तक की संगठन की संरचना को जल्द पूरा करने का निर्देश जारी किया। बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा ने प्रस्तुत किया, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। कार्यकारिणी ने पंजाब में पार्टी कार्यकर्ताओं को कड़ी मेहनत करते हुए घर-घर जाकर मोदी सरकार की उपलब्धियां की जानकारी पहुंचाने का आह्वान किया।
जालंधर उपचुनाव में भाजपा का प्रदर्शन सुधरा
अश्वनी शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पंजाब में बुनियादी ढांचे का विकास के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और कई बड़े प्रोजेक्ट पंजाब को दिए हैं। उन्होंने कहा कि बेशक भाजपा जालंधर उपचुनाव जीत नहीं पाई लेकिन भाजपा का वोट प्रतिशत एक साल पहले हुए विधानसभा चुनाव के मुकाबले 4 फीसदी बढ़ना एक अच्छा संकेत है।
2022 के विधानसभा चुनाव में जालंधर लोकसभा की नौ विधानसभा सीटों में भाजपा गठबंधन को लगभग 11 फीसदी वोट मिले थे। जबकि इस बार 15.2 फीसदी वोट मिले हैं। दो विधानसभा क्षेत्र- जालंधर उत्तर और जालंधर केंद्रीय में भाजपा प्रत्याशी को लीड मिलना भी उत्साहजनक है, जबकि कांग्रेस और अकाली-बसपा किसी भी विधानसभा में लीड नहीं ले सके।