विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी प्रदेश की हुड्डा सरकार को जमीनों के मामले में घेरने की तैयारी कर रही है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता कैप्टन अभिमन्यु ने राज्य में जमीनों के मामले में की जा रही हेराफेरी पर सवाल उठाया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा में हो रही जमीन की हेराफेरी में कई बिल्डर भी शामिल हैं। इस दौरान उन्होंने बाहरी विकास शुल्क (ईडीसी) पर भी उंगली उठाई।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने गुड़गांव की एक जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में जो जवाब दिया है, उससे यह खुलासा हुआ है कि ईडीसी के मामले में सरकार करीब 25 हजार करोड़ का घपला कर रही है।
उन्होंने कहा कि करीब दस हजार करोड़ की राशि कॉलोनाइजरों ने प्लॉट मालिकों से इकट्ठी कर ली है। यह राशि सरकार को नहीं दी गई, जबकि सरकार ने यह कह कर छूट दे दी कि बाद में 12 प्रतिशत ब्याज के हिसाब से यह राशि चुका देना।
भाजपा आई सत्ता में तो करेगी ईडीसी घोटाले की जांच
एसईजेड के नाम पर हरियाणा में भूमि स्वीकृत की गई, लेकिन एक भी एसईजेड बनकर तैयार नहीं हुआ। सरकार में धड़ाधड़ हो रही सीएलयू में प्रति एकड़ प्रति जिले के हिसाब से रेट तय हैं, जिसमें मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के पटवारी तक शामिल हैं।
कैप्टन ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर ईडीसी घोटाले की जांच करवाई जाएगी। इसके अलावा एसईजेड और सीएलयू के नाम पर हो रही धांधलियों की भी जांच होगी। यदि इन जमीन घोटालों में किसी भाजपा नेता का नाम है तो पार्टी उसकी जांच कराने से भी नहीं चूकेगी।
यह है ईडीसी
हुडा के सेक्टरों में पानी, सीवरेज, ड्रेनेज, रोड, स्ट्रीट और स्ट्रीट लाइट आदि का प्रावधान करने के लिए बाहरी विकास शुल्क वसूल किया जाता है। यह शुल्क भू स्वामियों से लिया जाता है। इसके तहत गुड़गांव से करीब नौ हजार करोड़ रुपये एकत्रित किए गए हैं।
बाकी राज्य से पंद्रह हजार पांच सौ करोड़ रुपये की वसूली हुई है। 10 हजार करोड़ अभी कॉलोनाइजरों पर बकाया हैं। कैप्टन ने बताया कि ईडीसी का काफी पैसा सरकार ने प्रशासनिक कार्यों पर खर्च कर दिया है, जो कि पूरी तरह से गलत है।