पंजाब की राजनीति में खासा दखल रखने वाला बादल परिवार एक भी सीट नहीं जीत पाया। हालात ये हुए कि अकालियों को इस चुनाव मे तीन ही सीटें मिलीं। पार्टी दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाई। वजह साफ है जनता की नाराजगी। अकालियों को इस बार 18.38 प्रतिशत ही वोट मिला है। जबकि पिछली बार 25.24 प्रतिशत वोट मिले थे और 15 सीटें हासिल हुई थीं।
अकालियों से अलग होकर भाजपा का वोट शेयर तो बढ़ा लेकिन सीटें घट गईं। पार्टी की पिछले विधानसभा चुनाव में तीन सीटें आईं थी। जो इस चुनाव में घटकर दो रह गईं। पार्टी को अकालियों के साथ गठबंधन में पिछले चुनाव में 5.39 प्रतिशत वोट मिला था। इस बार अकेले लड़ने पर यह वोट शेयर बढ़कर 6.60 प्रतिशत हो गया लेकिन फायदा खास नहीं हुआ।
अन्य दलों को कितने फीसदी मिले वोट
- पार्टी प्रतिशत
- बीएसपी 1.77
- सीपीआई 0.05
- सीपीआई(एम) 0.06
- नोटा 0.71
- आरएसपी 0.01
- सपा 0.03
- अन्य 7.35