जननायक जनता पार्टी (जजपा) से छुटकारा पाने के लिए भाजपा ने हिसार से सांसद बृजेंद्र सिंह के इस्तीफे को ही ढाल बनाया। दो दिन पहले सांसद ने इस्तीफा इसी बात पर दिया था कि जजपा का जमीनी स्तर पर कोई ग्राउंड नहीं बचा है और भाजपा इनके साथ समझौता रखती है तो वह पार्टी छोड़ देंगे। इस्तीफा देते ही प्रदेश के राजनीतिक समीकरण बदल गए।
भाजपा को इस बात का आभास था कि कई और सांसदों की टिकट कटेगी तो अन्य नेता भी कांग्रेस में जा सकते हैं। इसी मामले को हरियाणा भाजपा ने हाईकमान के सामने रखा और गठबंधन तोड़ने पर सहमति बनी। इससे पहले, हाईकमान गठबंधन तोड़ने को लेकर राजी नहीं था। पूरे मामले में डैमेज कंट्रोल करते हुए गठबंधन तोड़ दिया। हालांकि भाजपा ने यह भी साबित कर दिया कि वह किसी के दबाव में फैसले नहीं लेती, क्योंकि जब गठबंधन तोड़ना था तो बृजेंद्र सिंह को मनाया जा सकता था लेकिन भाजपा ने उनको भी जाने दिया और जजपा से भी गठबंधन तोड़ दिया।
उधर, दुष्यंत चौटाला ने नायब सिंह सैनी को हरियाणा के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि गरीब, किसान, कमेरे के कल्याण और प्रदेश के विकास की जिन योजनाओं को हमने लागू किया, आप उन्हें आगे बढ़ाते हुए जन-हितैषी सरकार चलाएंगे। मुझे पूरी उम्मीद है कि जनता की सुनवाई के लिए आपके निवास के द्वार हमेशा खुले रहेंगे। आपको व आपके मंत्रिमंडल को शुभकामनाएं।