पंजाब विश्वविद्यालय का सीनेट चुनाव लगभग पूरा हो चुका है। केवल स्नातक वर्ग के दूसरे चरण का चुनाव बाकी है। इसी बीच कांग्रेस व भाजपाई सीनेट में अपना दबदबा कायम करने के लिए सदस्यों का गणित लगा रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के खेमे में 43 से 44 सीटें हैं। वहीं, भाजपा के पास अभी तक 32 हैं। हालांकि, कांग्रेसियों ने स्नातक चुनाव के परिणाम के बाद आने वाली सीटों को जोड़कर गणित लगाया है।
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इसी तरह भाजपाई भी अपने वोटों के गणित को जोड़ रहे हैं तो संख्या 40 के आसपास पहुंच रही है। बताया जा रहा है कि इस बार भाजपा ने पूरी ताकत लगाई है लेकिन सीनेट में दबदबा कायम करने की राह आसान नहीं।
सीनेट की 32 सीटों के लिए चुनाव हो चुके। परिणाम भी आ गए। कांग्रेसियों की मानें तो उनकी इनमें 29 सीटें हैं। इसके अलावा एक्स ऑफिसियो की तीन सीटें वह अपने खेमे में बता रहे हैं। इसी तरह स्नातक वर्ग चुनाव की 15 में से 12 सीटों पर वह अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। इस तरह वह 44 सीटें अपने खेमे में बता रहे हैं।
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जानकारों का कहना है कि यदि ऐसा हुआ तो फिर भाजपा की राह आसान नहीं है। हालांकि, भाजपा कुछ अन्य ग्रुप के सदस्यों को अपने पाले में करने की तैयारी कर रही है। कहा जा रहा है कि इस बार कांग्रेस व भाजपा खेमे में दो से तीन सदस्यों की ही इस बार कमी महसूस होगी। अधिक सदस्यों का अंतर नहीं होगा।