भाजपा महिला मोर्चा की जिला प्रधान मधु फुलारा की अगुवाई में बड़ी संख्या में महिलाओं ने बुधवार सुबह करीब 11 बजे एनआईएस से मोती महल का घेराव करने के लिए मार्च शुरू किया। इस मौके पर भाजपा जिला शहरी प्रधान हरिंदर कोहली और भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य गुरतेज सिंह ढिल्लों भी मौजूद रहे। लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर आयुर्वेदिक कॉलेज के पास ही भाजपा महिला मोर्चा की सदस्यों को रोक लिया।
अभी महिला मोर्चा की सदस्य आगे बढ़ने की जिद ही कर रही थीं कि कुछ किसान भी पहुंच गए। जिन्होंने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। जल्द दोनों पक्षों में तकरार शुरू हो गई। लेकिन मौजूद पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया। जिसके बाद साथ लाईं चूड़ियों को महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने वहीं फेंक दिया।
लुधियाना : भाजपा महिला मोर्चा ने किया मंत्री आशु की कोठी का घेराव
लुधियाना जिला भाजपा महिला मोर्चा की प्रधान मनिंदर कौर घुम्मन की अगुवाई में महिला कार्यकर्ता ने मंत्री भारत भूषण आशु के घर का घेराव करने पहुंची। चूड़ी लेकर पहुंचीं मोर्चा की सदस्यों ने मंत्री की कोठी के बाहर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जब कोई चूड़ी लेने नहीं आया तो उन्होंने चूड़ी घर के अंदर फेंकनी शुरू कर दी।
आखिरकार मंत्री आशु की पत्नी ममता आशु बाहर आ गईं और उन्होंने भाजपा महिला मोर्चा की सदस्यों से कहा कि वह इस तरह चूड़ी फेंककर अपमान न करें, ऐसा धरना-प्रदर्शन किसानों के लिए क्यों नहीं दे रही हैं। अगर वे कोई ज्ञापन देना चाहती हैं तो वह लेने को तैयार हैं। आखिरकार भाजपा महिला मोर्चा की सदस्या कुछ देर नारेबाजी कर लौट गईं।
फतेहगढ़ साहिब : भाजपा महिला मोर्चा का किसानों, अकालियों और कांग्रेसियों ने किया विरोध
कांग्रेस विधायक कुलजीत सिंह नागरा को चूड़ी सौंपने पहुंचीं जिला भाजपा महिला मोर्चा सदस्यों का डीसी दफ्तर पर किसानों, अकालियों और कांग्रेसियों से टकराव हो गया। यहां सभी एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। माहौल शांत कराने पहुंची महिला पुलिस मुलाजिमों, पुलिस अधिकारियों से प्रदर्शनकारियों की धक्कामुक्की भी हुई। हालांकि पुलिस ने मुस्तैदी से माहौल को संभालकर मामला शांत करवा दिया।
बुधवार को भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष लक्ष्मी मित्तल व जिला प्रधान प्रदीप गर्ग की अगुवाई में कार्यकर्ता पंजाब में खराब कानून व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन करने पहुंचे थे। वहीं अकाली दल, कांग्रेस व किसान नेता भाजपा विरोधी नारेबाजी करते हुए डीसी दफ्तर के मुख्य गेट के अंदर दाखिल हो गए।
काफी समय तक पुलिस सभी प्रदर्शनकारियों को शांत करने में जुटी रही। पुलिस को मामला शांत करवाने के लिए सभी पार्टियों के प्रदर्शनकारियों व किसानों को डीसी कांप्लेक्स में एहतियात के तौर पर बंद करना पड़ा। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप गर्ग ने कहा कि कांग्रेस ने पहले ही अपने कार्यकर्ताओं को विरोध करने के लिए तैयार किया था। अकाली दल भी कांग्रेस का साथ दे रहा है।
दोनों पार्टियों ने किसानों की आड़ में भाजपा का विरोध किया। इससे साबित होता है कि कांग्रेस और अकाली दल मिले हैं। गर्ग ने कहा कि भाजपा के विरोध प्रदर्शन की सूचना डीजीपी, डीसी व एसएसपी फतेहगढ़ साहिब को पहले दी गई थी। वह इस मामले की रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजेंगे।
सभी ने मिलकर भाजपा का विरोध किया : एडवोकेट धारनी
इस रोष बीच एक किसान नेता ने कहा कि किसी पार्टी या व्यक्ति विशेष ने नहीं बल्कि सभी ने एकजुट होकर बुधवार को भाजपा का विरोध किया है। क्योंकि भाजपा के झंडे देखकर किसानों में उबाल आ जाता है। वे भाजपा के झंडे देखकर डीसी कांप्लेक्स बाहर पहुंचे थे, जहां कांग्रेस व अकाली दल ने भी भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया। शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता एडवोकेट अमरदीप सिंह धारनी ने कहा कि भाजपा जानबूझकर माहौल खराब कर रही है। अकाली दल किसानों के साथ है और भाजपा के हर कार्यक्रम का विरोध जारी रहेगा।